पेगासस रिपोर्ट में खुलासा: इजरायली स्पाईवेयर से भारतीय पत्रकारों,नेताओं के फोन किये गए हैक

नई दिल्ली। इजराइल के स्पाइवेयर के माध्यम से भारतीय पत्रकारों, न्यायाधीशों और नेताओं सहित देश के प्रमुख व्यक्तियों के फोन हैक करने का खुलासा हुआ है।

एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि अमेरिका के प्रमुख अख़बार वाशिंगटन पोस्ट और 16 अन्य मीडिया भागीदारों द्वारा की गई एक जांच के अनुसार, एक निजी इजरायली फर्म ने अपने स्वयं के नागरिकों की निगरानी में शामिल होने के लिए जाने जाने वाले कई विदेशी सरकारी समूहों को सैन्य-ग्रेड स्पाइवेयर का लाइसेंस दिया।

एनएसओ समूह को उन देशों के लिए लाइसेंस प्राप्त पेगासस स्पाइवेयर मिला, जिन्होंने पत्रकारों, कार्यकर्ताओं, व्यापार अधिकारियों, राष्ट्राध्यक्षों, प्रधानमंत्रियों, सऊदी शाही परिवार के सदस्यों और जमाल खशोगी के मंगेतर सहित 50,000 फोन नंबरों को लक्षित किया। इसमें भारत का भी नाम है। वाशिंगटन पोस्ट के अनुसार, एनएसओ ने आरोपों को निराधार बताया और कहा कि उन्हें अपने ग्राहकों की विशिष्ट गतिविधियों की जानकारी नहीं है।

रिपोर्ट में दावा किया गया है कि भारत के करीब 300 फोन नंबर को इस दौरान हैक किया गया था. अधिकतर नंबर को 2018 और 2019 के बीच हैक किया गया था।

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इस रिपोर्ट के बाद संभावना जताई जा रही है कि इजराइल के खुफिया साफ्टवेयर के जरिए भारत के दो केन्द्रीय मंत्रियों, 40 से ज्यादा पत्रकारों, विपक्ष के तीन नेताओं और एक न्यायाधीश समेत बड़ी तादाद में कारोबारियों और अधिकार कार्यकर्ताओं के 300 से ज्यादा मोबाइल नंबर हो सकता है कि हैक किए गए हों। यह रिपोर्ट रविवार को सामने आई है।

हालांकि भारत सरकार ने अपने स्तर से विशेष लोगों की निगरानी संबंधी आरोपों को खारिज किया है। सरकार ने कहा,‘‘ इससे जुड़ा कोई ठोस आधार या सच्चाई नहीं है।

सरकार ने अंतर्राष्ट्रीय मीडिया रिपोर्टों को खारिज करते हुए कहा,‘‘ भारत एक लचीला लोकतंत्र है और वह अपने सभी नागरिकों के निजता के अधिकार को मौलिक अधिकार के तौर पर सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। साथ ही सरकार ने ‘‘जांचकर्ता, अभियोजक और ज्यूरी की भूमिका’’ निभाने की कोशिश संबंधी मीडिया रिपोर्ट को खारिज कर दिया।

संसद में गूंजेगा मुद्दा, कई नेताओं ने दिया नोटिस:

आज से शुरू हो रहे संसद के मानसून सत्र में पेगासस रिपोर्ट का मुद्दा उठने की पूरी संभावना है। राज्यसभा में सीपीआई नेता बिनॉय विश्वम, राजद सांसद मनोज झा, आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह समेत अन्य कई सांसदों द्वारा इस विषय पर चर्चा की मांग की गई है।

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पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी भी ट्वीट कर सरकार पर तंज कसा है. राहुल गांधी ने अपने ट्वीट में लिखा कि हमें पता है ‘वो’ क्या पढ़ रहे हैं, जो भी आपके फोन में है. विपक्ष के तीखे तेवरो साफ है कि इस मसले पर सरकार को संसद में सवालों का सामना करना पड़ सकता है।

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