कृषि कानूनो को लेकर अब अकाली दल ने मोदी सरकार को सुनाईं खरी खरी
नई दिल्ली। केंद्र सरकार द्वारा कृषि कानूनों को वापस लेने से इंकार किये जाने को लेकर बीजेपी के सबसे पुराने सहयोगी रहे अकाली दल ने आज मोदी सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि कृषि कानून वापस न लेने के सरकार के फैसले से साफ़ है कि सरकार अन्नदाताओं के खिलाफ लड़ाई लड़ने का फैसला किया है।
अकाली दल नेता सुखवीर सिंह बादल ने एक प्रेस कांफ्रेंस को सबोधित करते हुए किसान आंदोलन को अपना पूरा समर्थन देने का एलान किया। उन्होंने केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि “कानून धक्के के साथ वहीं लागू किए जाते हैं जिन देशों में डिक्टेटरशिप का राज होता है। बड़ा अफसोस है कि केंद्र सरकार ने अब डिक्टेटरशिप का रास्ता अपनाना शुरू कर दिया है।”
बादल ने कहा कि “हम केंद्र सरकार द्वारा काले कानून वापिस न लेने के फैसले की कड़ी निंदा करते हैं। आज केंद्र सरकार की प्रेस कॉन्फ्रेंस से एक बात स्पष्ट हो गई कि केंद्र सरकार ने देश के अन्नदाता के खिलाफ लड़ाई लड़ने का फैसला किया है।”
उन्होंने कहा कि “पहले जैसे इन्होंने (केंद्र सरकार) नोटबंदी फोर्स की, GST फोर्स किया वैसे ये चाहते हैं कि हम जो भी फैसला दफ्तरों में बैठकर बनाएं, उसे हम ज़बरदस्ती लागू करें। जब सारे देश के किसान ये कानून नहीं चाहते तो मुझे समझ नहीं आ रहा कि ये क्यों रख रहे हैं।”
गौरतलब है कि कृषि कानून लागू किये जाने के विरोध में बीजेपी के सबसे पुराने सहयोगी अकाली दल ने एनडीए से अलग होने का फैसला लिया था। इतना ही नहीं अकाली दल नेता हरसिमरन कौर ने मोदी केबिनेट के मंत्री पद से इस्तीफा भी दे दिया।
