रद्द नहीं हुई निमिषा प्रिया की सजा, अभी भी सिर पर मंडरा रही मौत

रद्द नहीं हुई निमिषा प्रिया की सजा, अभी भी सिर पर मंडरा रही मौत

नई दिल्ली। भारतीय नर्स निमिषा प्रिया की मौत की सजा रद्द होने की खबर गलत है। निमिषा प्रिया मामले में मारे गए यमन के नागरिक तलाल अब्दो महदी के भाई अब्दुल फत्ताह ने खुद निमिषा प्रिया की रिहाई को लेकर किए गए भारतीय ग्रैंड मुफ्ती के दावों को खारिज किया।

फत्ताह ने कहा कि कुछ कथित धार्मिक लोग अपने लिए झूठी वाहवाही हासिल करने के लिए बिना किसी बात के भी आगे आ जाते हैं।

यमन में निमिषा को बचाने का प्रयास कर रही ‘सेव निमिषा प्रिया इंटरनेशनल एक्शन काउंसिल’ के मेंबर सैमुअल जेरोम ने फेसबुक पोस्ट लिखकर सजा रद्द होने की सूचना को गलत और भ्रामक बताया है। उन्होंने फेसबुक पर पोस्ट में लिखा कि विदेश मंत्रालय से जुड़ी खबरों को पूछकर ही मीडिया को प्रसारित करना चाहिए। यह खबर रात 12.30 बजे ANI पर सबसे पहले आ गई थी, लेकिन ऐसी खबरों को सरकार के वर्जन के साथ ही चलना बेहतर रहेगा।

यमन में चर्चा है कि सैमुअल जेरोम पहले निमिषा को बचाने का प्रयास कर रहे थे। उन्होंने ‘सेव निमिषा प्रिया इंटरनेशनल एक्शन काउंसिल’ के बैनर तले निमिषा को बचाने के लिए करीब 58000 अमेरिकी डॉलर का फंड भी जुटाया था, ताकि अब्दो महदी के परिवार को बतौर ‘ब्लड मनी’ (दियात) दिया जा सके।

सैमुअल ने ही निमिषा की मां प्रेमा कुमारी को यमन बुलाया और वहां उनके रहने का इंतजाम किया। वे ही प्रेमा कुमारी के साथ मिलकर अब्दो महदी के परिवार और यमन की सरकार से निमिषा की जान बचाने के लिए बातचीत कर रहे थे, लेकिन अब वह पीछे हट गए हैं। उनकी फेसबुक पोस्ट भी महदी का समर्थन करती नजर आ रही है।

TeamDigital