जातिगत जनगणना कराएगी मोदी सरकार, राहुल गांधी ने उठाया था मुद्दा
नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने देश में जातिगत जनगणना कराने का फैसला लिया है। आज हुई कैबिनेट की बैठक में यह फैसला लिया गया।
केंद्रीय सूचना-प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कैबिनेट की बैठक में लिए गए फैसले की जानकारी देते हुए कहा कि मोदी सरकार अगली जनगणना के साथ जातीय आधार पर लोगों की गणना भी करेगी।
देश में जातिगत जनगणना का मुद्दा सबसे पहले कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने उठाया था। राहुल गांधी ने सड़क से संसद तक जहां भी उन्हें मौका मिला, जातिगत जनगणना कराने की मांग उठाई।
वहीं अब माना जा रहा है कि बिहार चुनाव को दृष्टिगत रखते हुए मोदी सरकार ने जातिगत जनगणना को हरी झंडी दी है।
दरअसल बिहार में होने जा रहे विधानसभा चुनाव में कांग्रेस और विपक्ष जातिगत जनगणना के मुद्दे को बीजेपी के खिलाफ इस्तेमाल करना चाहते थे लेकिन बिहार चुनाव से पहले केंद्र सरकार ने जातिगत जनगणना का ऐलान करके विपक्ष के हाथ से मुद्दा छीनने की कोशिश की है।
वहीं दूसरी तरफ जातिगत जनगणना कराने के सरकार के फैसले को कांग्रेस अपनी जीत बता रही है। पार्टी का कहना है कि कांग्रेस द्वारा लगातार जातिगत जनगणना कराने की मांग के आगे सरकार को घुटने टेकने पर मजबूर होना पड़ा है।
सरकार के बुधवार के फैसले पर कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा, पार्टी ने 9 अप्रैल, 2025 को अहमदाबाद में पारित सामाजिक न्याय पर अपने प्रस्ताव में इस मुद्दे का उल्लेख किया था।
आधिकारिक एक्स हैंडल पर एक पोस्ट में उन्होंने लिखा, ‘देर आए दुरुस्त आए।’ रमेश ने कांग्रेस के प्रस्ताव- ‘न्यायपथ’ के स्क्रीनशॉट भी साझा किए। इसमें कांग्रेस पार्टी ने सामाजिक न्याय सुनिश्चित करने की अपनी पहलों को सूचीबद्ध किया था।
