अब एमटीएनएल और बीएसएनएल की संपत्ति बेचेगी मोदी सरकार
नई दिल्ली। अब मोदी सरकार ने महानगर टेलीफोन निगम लिमिटेड (MTNL) और भारत संचार निगम लिमिटेड (BSNL) रियल एस्टेट संपत्ति को बेचने का फैसला किया है। सरकार की तरफ से बेचे जाने वाली अचल संपत्ति की पूरी जानकारी DIPAM की वेबसाइट पर अपलोड की गई है।
वेबसाइट पर अपलोड किए गए दस्तावेजों के अनुसार सरकार ने सार्वजनिक क्षेत्र की दूरसंचार कंपनियों MTNL और BSNL की अचल संपत्तियों (Non core asset monetisation) को लगभग 1,100 करोड़ रुपए के आरक्षित मूल्य पर बिक्री के लिए सूचीबद्ध किया है।
BSNL की संपत्तियां हैदराबाद, चंडीगढ़, भावनगर और कोलकाता में स्थित हैं, और बिक्री के लिए इनका आरक्षित मूल्य 800 करोड़ रुपए है। DIPAM की वेबसाइट पर मुंबई के गोरेगांव के वसारी हिल में स्थित MTNL संपत्तियों को लगभग 270 करोड़ रुपए के आरक्षित मूल्य पर बिक्री के लिए सूचीबद्ध किया है।
इसी तरह ओशिवारा में स्थित MTNL के 20 फ्लैटों को भी कंपनी की परिसंपत्ति मौद्रिकरण योजना के हिस्से के रूप में बिक्री के लिए रखा गया है। इनका आरक्षित मूल्य 52.26 लाख रुपए से लेकर 1.59 करोड़ रुपए तक है। MTNL की संपत्तियों की ई-नीलामी 14 दिसंबर को होगी।
गौरतलब है कि सरकार ने अक्टूबर 2019 में MTNL और BSNL की स्थिति में सुधार के लिए इस रिवाइवल स्कीम को मंजूरी दी थी। इस प्लान के मुताबिक, दोनों कंपनियों को साल 2022 तक दोनों कंपनियों को 37500 करोड़ रुपए की संपत्ति की पहचान करनी होगी और उसे बेचना भी होगा।
BSNL, MTNL की 69000 करोड़ की रिवाइवल स्कीम के तहत 4जी स्पेक्ट्रम का एलोकेशन और असेट मोनेटाइजेशन को शामिल किया गया है। इसके अलावा दोनों कंपनियों के कर्मचारियों को VRS का विकल्प भी दिया गया है। इतना ही नहीं इन दोनों कंपनियों के 92700 एंप्लॉयी ने वीआरएस लिया है। जिसके बाद सरकार को हर साल सैलरी के रूप में 8800 करोड़ रुपए बचेंगे।
