मध्य प्रदेश: कमलनाथ का नेता विधायक दल के पद से इस्तीफा, गोविंद सिंह को मिली ज़िम्मेदारी

भोपाल। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कमलनाथ ने गुरुवार को मध्य प्रदेश में कांग्रेस विधायक दल (सीएलपी) के नेता पद से इस्तीफा दे दिया, जिसके बाद गोविंद सिंह उनके बाद इस पद की कमान दी है। कमल नाथ का इस्तीफा पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी ने पार्टी की ‘एक व्यक्ति-एक पद’ की नीति को ध्यान में रखते हुए स्वीकार कर लिया गया।

कांग्रेस विधायक दल का नेता बनाये जाने के बाद गोविंद सिंह ने कहा कि “पार्टी नेतृत्व ने मुझे विपक्ष के नेता के रूप में जो ज़िम्मेदारी दी है, मैं पूरी मज़बूती के साथ सक्रियता से विपक्ष की भूमिका निभाता रहूंगा।”

वहीँ नेता विधायक दल से इस्तीफा देने के बाद कमलनाथ प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष बने रहेंगे। मध्य प्रदेश में अगले वर्ष विधानसभा चुनाव होने हैं ऐसे में माना जा रहा है कि चुनाव से पहले कांग्रेस में कई अन्य बदलाव भी किये जा सकते हैं।

कांग्रेस के नेता विधायक दल से कमलनाथ के इस्तीफे को स्वीकार किये जाने की जानकारी देते हुए संगठन महासचिव के सी वेणुगोपाल के एक पत्र में कहा गया है, “कांग्रेस अध्यक्ष ने नेता, कांग्रेस विधायक दल (सीएलपी), मध्य प्रदेश के पद से आपका इस्तीफा तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया है। पार्टी सीएलपी नेता, मध्य प्रदेश के रूप में आपके योगदान की तहे दिल से सराहना करती है।”

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कौन हैं गोविंद सिंह:

गोविंद सिंह सात बार से विधायक हैं। इस समय वे मध्य प्रदेश के भिंड जिले के लहर से विधायक हैं। गोविंद सिंह 1990 में पहली बार विधायक चुने गए। गोविंद सिंह विधानसभा की लोकलेखा समिति के सभापति भी रहे और फिर कमलनाथ सरकार बनने पर ससंदीय कार्य और सहकारिता मंत्री बने थे। लंबे समय से उन्हें नेता प्रतिपक्ष बनाए जाने के लिए मांग चल रही थी।

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