लाउडस्पीकर पर न हो अज़ान, जावेद अख्तर ने नई बहस को दिया जन्म

मुंबई। देश के मशहूर गीतकार और प्रख्यात शायर जावेद अख्तर ने लाउडस्पीकर पर अजान दिए जाने का मामला उठाकर एकबार फिर देश में नई बहस को जन्म दे दिया है। उन्होंने ट्विटर पर कहा कि लाउडस्पीकर पर अज़ान होने से लोगों को परेशानी होती है इसलिए लाउडस्पीकर पर अजान नहीं देना चाहिए।
जावेद अख्तर ने एक ट्वीट में लिखा, ‘पचासियों साल तक लाउडस्पीकर पर अज़़ान देना हराम रहा, लेकिन अब जब हलाल हुई है तो खत्म ही नहीं हो रही। उम्मीद है कि लोगों को दूसरों को हो रही परेशानी को समझते हुए लाउडस्पीकर पर अजान देना खुद ही बंद कर देना चाहिए।”
गौरतलब है कि जावेद अख्तर से पहले पार्श्व गायक सोनू निगम भी लाउडस्पीकर पर अज़ान होने का मुद्दा उठा चुके हैं। इसके बाद वे ट्विटर पर ट्रोलर्स के निशाने थे।
इससे पहले जावेद अख्तर ने लॉकडाउन में शराब की दुकाने खोले जाने के सरकार के फैसले पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की थी। उन्होंने ट्विटर पर इस मामले में विरोध जताते हुए लिखा था कि लॉकडाउन के दौरान शराब की दुकानें खोलना एक विनाशकारी निर्णय है।
इतना ही नहीं जावेद अख्तर ने कहा कि इस समय बहुत से सर्वे हुए हैं, जिनमें पता चला है कि लॉकडाउन में घरेलू हिंसा के मामले कई गुना बढ़ गए हैं। ऐसे में शराब का सेवन बच्चों और महिलाओं के लिए यह वक्त और कठिन बना देगा।
In India for almost 50 yrs Azaan on the loud speak was HARAAM Then it became HaLAAL n so halaal that there is no end to it but there should be an end to it Azaan is fine but loud speaker does cause of discomfort for others I hope that atleast this time they will do it themselves
— Javed Akhtar (@Javedakhtarjadu) May 9, 2020
जावेद अख्तर द्वारा लाउडस्पीकर पर अज़ान को लेकर सवाल उठाये जाने के बाद एक बार फिर इस मामले में नई बहस जन्म ले सकती है। हालाँकि यह पहला अवसर नहीं है, जावेद अख्तर ट्रिपल तलाक से लेकर नागरिकता संशोधित कानून पर भी अपनी राय मजबूती से कई मंचो पर रख चुके हैं।