75 हज़ार अतिथि शिक्षकों को कमलनाथ का वचन: पहली केबिनेट बैठक में करेंगे नियमित
भोपाल ब्यूरो। मध्य प्रदेश में नियमित किये जाने की मांग को लेकर पिछले काफी समय से आंदोलन कर रहे राज्य के अतिथि शिक्षको को अब पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ से उम्मीद बंधी हैं।
अतिथि शिक्षकों के एक प्रतिनिधि मंडल ने पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ से मुलाकात की और उन्हें अपनी समस्याएं बतायीं। अतिथि शिक्षको ने कहा कि वे अतिथि शिक्षको को नियमित किये जाने की मांग को लेकर पिछले काफी समय से संघर्ष कर रहे हैं लेकिन राज्य सरकार ने कोई सकारात्मक रुख नहीं दिखाया है।
अतिथि शिक्षकों की बात सुनने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने उन्हें आश्वासन दिया कि उपचुनाव के बाद जब कांग्रेस की सरकार बनेगी तो केबिनेट की पहली बैठक में ही अतिथि शिक्षकों को नियमित किये जाने का फैसला लिए जाएगा।
गौरतलब है कि कमलनाथ सरकार अतिथि शिक्षकों को लेकर फैसला लेने ही वाली थी लेकिन तब तक राज्य में उनकी सरकार गिरा दी गई। मध्य प्रदेश में करीब 75 हज़ार अतिथि शिक्षक हैं।
इससे पहले अतिथि शिक्षकों ने शिवराज सरकार से नाराज़गी जताते हुए उपचुनाव में बीजेपी को सबक सिखाने के एलान किया था। अतिथि शिक्षकों का कहना है कि बीजेपी में शामिल होने से पहले ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भी उन्हें आश्वासन दिया था कि वे अतिथि शिक्षकों को जल्द नियमित कराने का काम शुरू करेंगे लेकिन बीजेपी में शामिल होने और राज्य सभा का सदस्य बनने के बाद सिंधिया ने भी अतिथि शिक्षकों के बारे में ख़ामोशी साध ली है।
