10 तारीख के लिए कमलनाथ ने बनाया प्लान, सोमवार को ही भोपाल पहुंच जायेंगे विधायक
भोपाल ब्यूरो। मध्य प्रदेश में 28 सीटों के लिए हुए उपचुनाव के परिणाम आने से पहले मध्य प्रदेश में राजनैतिक हलचले तेज हो गई हैं। किसी भी तरह की सौदेबाज़ी को ध्यान में रखकर पूर्व मुख्यमंत्री और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने चुनाव परिणाम वाले दिन यानि 10 नवंबर के लिए ख़ास रणनीति तैयार की है।
हालांकि 28 सीटों पर विधानसभा के उपचुनाव को लेकर आये एग्जिट पोल बीजेपी को राहत देने वाले हैं लेकिन कांग्रेस ने तमाम एग्जिट पोल को ख़ारिज कर दिया है। कांग्रेस का दावा है कि सभी एग्जिट पोल औंधे मूंह गिरेंगे और राज्य की सत्ता में कांग्रेस की वापसी हो रही है।
कमलनाथ सरकार मंत्री रहे जीतू पटवारी ने कहा कि “मीडिया प्रबंधन थोड़ी सी ख़ुशी ज़रूर देता है, पर जनमत नही बदल पाता..। एक सीट भी दावे से आप नहीं बता पा रहे हैं कि आप जीतेंगे, हाँ पर विधायकों को बाँधना है तो भ्रम ज़रूरी है..!” उन्होंने फेसबुक पोस्ट में कहा कि टूट कर बिखरने वाली है कमल के फूल की पंखुड़ियां, उन्हें कोई एग्जिट पोल नही बचा पाएंगे। इंतजार कीजिये 10 नवंबर का, सारे पूर्वानुमान ध्वस्त हो जाएंगे।
इससे पहले सज्जन सिंह वर्मा ने भी दावा किया कि मध्य प्रदेश में उपचुनाव वाली सभी 28 सीटें कांग्रेस जीत रही है। उन्होंने कहा कि इसमें शंका की कोई गुंजाईश ही नहीं बची है।
वहीँ इससे पहले खुद पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ और पार्टी के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह भी लगातार यह कहते रहे हैं कि उपचुनाव में कांग्रेस सभी सीटें जीत रही है। दिग्विजय सिंह ने प्रेस कांफ्रेंस में यह भी कहा कि मतदान के बाद सभी सीटों की समीक्षा में सामने आया कि कोई भी सीट ऐसी नहीं है जिस पार्टी का प्रदर्शन कमज़ोर हो।
कमलनाथ ने बनाई रणनीति:
वहीँ 28 सीटों के उपचुनाव के परिणाम दस नवंबर को घोषित किये जाने से पहले ही पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने अपनी रणनीति के तहत सभी कांग्रेस विधायकों को सोमवार शाम तक भोपाल आने के लिए कहा है। हालांकि कांग्रेस विधायक दल की बैठक 11 नवंबर को बुलाई गई है लेकिन खरीद फरोख्त या सौदेबाज़ी की किसी तरह की संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए सभी विधायकों को एक दिन पहले ही भोपाल पहुँचने के लिए कहा गया है।
इतना ही नहीं जिन 28 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव हुए हैं वहां मतगणना के दिन पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को ज़िम्मेदारी सौंपी गई है। चुनाव परिणाम का एलान होने के बाद जो भी कांग्रेस उम्मीदवार विजयी होते हैं, वे अपने विजय जुलुस इत्यादि पर समय नष्ट किये बिना निर्वाचन प्रमाणपत्र मिलते ही सीधे भोपाल पहुंचेंगे।
फिलहाल सभी की निगाहें दस नवंबर पर टिकी हुई हैं। राज्य में 28 सीटों के उपचुनाव के परिणाम दोनों ही दलों के लिए अहम और प्रतिष्ठा का प्रश्न माने जा रहे हैं।
