ममता को एक और सफलता, जेएमएम ने किया समर्थन का एलान

ममता को एक और सफलता, जेएमएम ने किया समर्थन का एलान

नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव से पहले आज सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस को उस समय एक और सफलता हाथ लगी जब झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) ने एलान किया कि वह पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव नहीं लड़ेगा और विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस का समर्थन करेगा।

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि हमें दीदी (ममता बनर्जी) की वापसी करानी है। हमने उनका समर्थन करने का फैसला किया है।

उन्होंने कहा कि हमारी पार्टी नहीं चाहती है कि बंगाल में संप्रदायिक पार्टी चुनाव जीते, इसलिए हमने टीएमसी को समर्थन दिया है। हेमंत ने आगे कहा कि हम नहीं चाहते हैं कि किसी संप्रदायिक शक्ति की स्थापना हमारे कारण हो।

गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल में 42 सीटें ऐसी हैं, जिन्हे आदिवासी बाहुल्य माना जाता है। यदि झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) पश्चिम बंगाल में चुनाव लड़ता तो कई सीटों पर बीजेपी को फायदा मिलने की संभावना थी।

वहीँ जेएमएम से पहले राष्ट्रीय जनता दल, समाजवादी पार्टी और शिवसेना भी पश्चिम बंगाल में चुनाव लड़ने का फैसला वापस ले चुके हैं। तीनो दलों ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में चुनाव न लड़ने और सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के समर्थन का एलान किया है।

कांग्रेस ने भी बदली अपनी रणनीति: सूत्र

पश्चिम बंगाल में बदले हालातो के तहत भारतीय जनता पार्टी को सत्ता से बाहर रखने की कवायद के तहत कांग्रेस ने भी अपनी रणनीति में बदलाव किया है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस अपने उम्मीदवारो का चयन कुछ इस तरह से कर रही है कि सेकुलर वोटों के बंटवारे का लाभ बीजेपी को न मिल सके।

सूत्रों ने कहा कि पार्टी की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के करीबी रिश्तो चलते कई सीटों पर बड़े उलटफेर की संभावना है। जिन सीटों पर बीजेपी मजबूत है उन्ही सीटों पर कांग्रेस अपने मजबूत उम्मीदवार खड़ी करेगी।

TeamDigital