कृषि कानून वापस नहीं हुए तो बीजेपी की घर वापसी सुनिश्चित करेंगे किसान: टिकैत
नई दिल्ली। सरकार और किसानो के बीच 8वे दौर की बातचीत भी बेनतीजा रहने के बाद भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि “तारीख पर तारीख चल रही है। बैठक में सभी किसान नेताओं ने एक आवाज़ में बिल रद्द करने की मांग की। हम चाहते हैं बिल वापस हो, सरकार चाहती है संशोधन हो। सरकार ने हमारी बात नहीं मानी तो हमने भी सरकार की बात नहीं मानी।”
बैठक के बाद बातचीत में राकेश टिकैत ने कहा कि अभी हम सरकार जब जब बुला रही है तब तब जा रहे हैं। सरकार हमारे धैर्य की परीक्षा ले रही है लेकिन सरकार को तीनो कानून वापस लेने पड़ेंगे। कृषि कानूनों के वापस होने तक कोई भी किसान वापस नहीं जाएगा भले ही आंदोलन कितना ही लंबा क्यों न चले।
एक सवाल के जबाव में राकेश टिकैत ने कहा कि अभी हमने सरकार की चूड़ियां नहीं कसी हैं। अभी तो सरकार अपने मन की कर रही है। जब उनसे पूछा गया कि आठवें दौर की वार्ता भी बेनतीजा रही अब किसान आगे क्या रणनीति अपनाएंगे? इसके जबाव में राकेश टिकैत ने कहा कि सरकार ने बातचीत के लिए अगली तारीख दी है। हम 15 जनवरी को फिर जाएंगे बात करने।
जब उनसे पूछा गया कि यदि 9वीं बार भी सरकार कृषि कानून वापस लेने पर राजी नहीं होती तो किसान क्या करेंगे? इसके जबाव में टिकैत ने कहा कि अभी देखते जाइये। किसान संगठनों की बैठक में आगे की रणनीति तय की जायेगी।
एक अन्य सवाल के जबाव में भाकियू नेता राकेश टिकैत ने कहा कि अभी जैसे आंदोलन चल रहा है ये कोई आंदोलन नहीं है। आंदोलन तो अभी शुरू होगा। उन्होंने कहा कि अभी तो किसान सिर्फ दिल्ली की सीमा पर ही है। दिल्ली में नहीं घुसा है और न ही किसी बीजेपी सांसद, विधायक को घेरा गया है।
जब उनसे पूछा गया कि यदि सरकार किसी तरह कृषि कानून वापस लेने के लिए तैयार नहीं होती तो आप क्या करेंगे? इसके जबाव में राकेश टिकैत ने कहा कि ज़रूरत पड़ी तो मई 2024 तक किसान आंदोलन चलेगा। कृषि कानून वापस नहीं होंगे तो बीजेपी की घर वापसी सुनिश्चित की जायेगी।
राकेश टिकैत ने कहा कि किसान पीछे हटने वाला नहीं है और अभी तो सरकार ने किसानो की तादाद ही कहां देखी है। अभी तो किसान ने सिर्फ दिल्ली के बॉर्डर ही बंद किये हैं। असल आंदोलन तो 26 जनवरी से शुरू होगा।
जब उनसे पूछा गया कि किसान 26 जनवरी की परेड में किस तरह हिस्सा लेंगे, उन्हें सरकार दिल्ली में नहीं घुसने देगी, तब वे क्या करेंगे? इसके जबाव में किसान नेता ने कहा कि किसानो को रोकने के लिए क्या किया जाएगा? बैरियर लगाया जाएगा ? किसान जिस दिन तय कर लेंगे वे दिल्ली पहुंच जायेंगे।
