63वे दिन भी किसान आंदोलन जारी, सिंघु बॉर्डर पर हिन्दू सेना का किसानो के खिलाफ प्रदर्शन
नई दिल्ली। कृषि कानूनों के खिलाफ 63वे दिन भी किसान आंदोलन जारी है। इस बीच सिंघु बॉर्डर पर हिन्दू सेना नामक संगठन ने किसानो के खिलाफ प्रदर्शन कर सिंघु बॉर्डर खाली कराने की मांग की है।
गुरूवार को हिन्दू सेना संगठन के लोगों ने हाथ में तिरंगे झंडे लेकर सिंघु बॉर्डर पर आंदोलन कर रहे किसानो के खिलाफ नारेबाजी की और तुरंत बॉर्डर खाली कराये जाने की मांग की।
इस बीच दिल्ली पुलिस ने ट्रैक्टर रैली को लेकर पुलिस के साथ हुए समझौते को तोड़ने के लिए योगेंद्र यादव, बलदेव सिंह सिरसा, बलबीर एस.राजेवाल समेत कम से कम 20 किसान नेताओं को नोटिस जारी किया है। उन्हें 3 दिनों में जवाब देने के लिए कहा गया है।
दिल्ली पुलिस ने भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता राकेश टिकैत को नोटिस जारी करते हुए पूछा कि 26 जनवरी को ट्रैक्टर रैली को लेकर पुलिस के साथ हुए समझौते को तोड़ने के लिए उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई क्यों न की जाए।
भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत के गाज़ीपुर बॉर्डर स्थित मीडिया सेंटर पर भी पुलिस ने नोटिस लगा दिया है। पुलिस ने 26 जनवरी को हुई हिंसा के मामले में राकेश टिकैत, योगेंद्र यादव सहित उन सभी 40 नेताओं के खिलाफ मामला दर्ज किया है जो सरकार के साथ वार्ता में शामिल थे।
किसान नेताओं का कहना है कि 26 जनवरी को किसान ट्रेक्टर परेड में हुई हिंसा पूरी तरह से सुनियोजित थी। किसान नेताओं ने बुधवार को कांफ्रेंस करके कहा कि जो कुछ भी हुआ उसके पूरी तरह से सरकार और पुलिस ज़िम्मेदार है। वहीँ लाल किले पर धार्मिक झंडा लगाए जाने की किसानो ने निंदा की और आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाही की मांग भी की।
किसान नेता दर्शन पाल सिंह ने कहा कि जिन किसान संगठनों ने कल की हिंसा के बाद अपना आंदोलन खत्म कर दिया है वह अच्छी बात नहीं है। कल की हिंसा के बाद किसान आंदोलन को झटका लगा है। हम आत्मचिंतन करेंगे। अब हमें लोगों को दोबारा से इकट्ठा करना पड़ेगा। कल जो हुआ उसकी हमने नैतिक ज़िम्मेदारी ली है।
