हिजाब प्रकरण: सुनील जाखड़ ने सिखों की पगड़ी का दिया हवाला, कहा ‘बीजेपी की मंशा क्या है’
नई दिल्ली। हिजाब मामले में कर्नाटक के मुख्यमंत्री के बयान पर टिप्पणी करते हुए पंजाब प्रदेश कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने सवाल उठाये हैं। उन्होंने कर्नाटक के मुख्यमंत्री बोम्मई के उस बयान पर सवाल खड़े किये हैं जिसमे उन्होंने शिक्षण संस्थान में किसी भी तरह का धार्मिक पहनावे पर असहमति जताई है।
सुनील जाखड़ ने कहा, ‘कर्नाटक के मुख्यमंत्री का बयान है कि किसी भी तरह का धार्मिक पहनावा शिक्षण संस्थान में नहीं पहना जाए। मुझे चिंता इस बात कि है कि हमारा सबसे बड़ा धार्मिक पहनावा ‘दस्तार’ यानि पगड़ी है।’
उन्होंने कहा, ‘इसे पहनने के अधिकार के लिए सिख भाईयों ने फ्रांस व विदेशी मुल्क़ों की सेना-पुलिस के साथ लड़ाई लड़ी है, और हम जीते हैं, लेकिन इनकी (भाजपा) यहां मंशा क्या है?’
कर्नाटक के CM का बयान है कि किसी भी तरह का धार्मिक पहनावा शिक्षण संस्थान में नहीं पहना जाए। मुझे चिंता इस बात कि है कि हमारा सबसे बड़ा धार्मिक पहनावा 'दस्तार' यानि पगड़ी है: हिजाब मामले पर सुनील जाखड़, कांग्रेस #HijabRow pic.twitter.com/xOovSrGyD0
— ANI_HindiNews (@AHindinews) February 13, 2022
इस बीच कल से कर्नाटक में 10वीं कक्षा तक के हाई स्कूल फिर से खुलने का एलान किया गया है। कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने रविवार को विश्वास व्यक्त किया कि शांति और सामान्य स्थिति बनी रहेगी। उन्होंने यह भी कहा कि प्री-यूनिवर्सिटी और डिग्री कॉलेजों को फिर से खोलने के संबंध में स्थिति का आकलन करने के बाद निर्णय लिया जाएगा।
यहां पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि उन्होंने शिक्षा मंत्रियों से कहा है कि वे प्री-यूनिवर्सिटी और डिग्री कॉलेजों को फिर से खोलने के संबंध में स्थिति की जांच कर एक रिपोर्ट प्रस्तुत करें, मूल्यांकन के आधार पर एक बैठक आयोजित की जाएगी और निर्णय लिया जाएगा।
उन्होंने कहा, “मेरे सामने क्या है, और मेरा पहला कर्तव्य है कि स्कूल और कॉलेज सामान्य कामकाज पर लौट आएं, और छात्रों को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल में अध्ययन करना चाहिए और मार्च-अप्रैल तक होने वाली परीक्षाओं की तैयारी करनी चाहिए।”
गौरतलब है कि कर्नाटक के विभिन्न हिस्सों में हिजाब के खिलाफ और विरोध तेज हो गया और कुछ स्थानों पर हिंसक हो गया, सरकार ने 9 फरवरी से राज्य के सभी हाई स्कूलों और कॉलेजों में तीन दिनों के लिए अवकाश घोषित कर दिया।
