शीतकालीन सत्र से पहले सरकार ने बुलाई सर्वदलीय बैठक
नई दिल्ली। कल से शुरू हो रहे संसद के शीतकालीन सत्र से पहले आज सरकार ने सर्वदलीय बैठक का आयोजन किया। सर्वदलीय बैठक में 31 दलों के नेताओं ने हिस्सा लिया। बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उपस्थित नहीं थे।
संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने संवाददाताओं को बताया, ‘सर्वदलीय बैठक में विभिन्न दलों के 42 नेताओं ने हिस्सा लिया। उन्होंने कहा कि बैठक में विभिन्न विषयों पर रचनात्मक चर्चा हुई और विपक्ष की ओर से कुछ अच्छे सुझाव आए। सरकार विपक्ष के सकारात्मक सुझावों पर विचार करने और नियमों के तहत अध्यक्ष एवं सभापति की अनुमति से विभिन्न मुद्दों पर चर्चा कराने को तैयार है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि हमने अपील की है कि सदन में बिना किसी व्यवधान के कामकाज हो। विपक्ष ने भी आश्वस्त किया है कि वे सदन को सुचारू रूप से चलाने में सहयोग करेंगे।
सर्वदलीय बैठक में प्रधानमंत्री की अनुपस्थिति पर एक सवाल के जवाब में जोशी ने कहा कि ऐसी सर्वदलीय बैठक में प्रधानमंत्री के हिस्सा लेने का चलन नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार के आने के बाद से शुरू हुआ है, पहले ऐसी बात नहीं थी।
वहीँ बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने न्यूज़ एजेंसी एएनआई से बात करते हुए कहा कि आज ऑल पार्टी मीटिंग हुई, NDA पार्टनर्स के प्रो लीडर्स की भी बैठक हुई। सरकार हर मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है। हमने विपक्ष से अपील की है कि आप बहस करिए और हम सरकार की ओर से हर मुद्दे पर बहस करके आपको जवाब देना चाहते हैं।
गौरतलब है कि संसद का शीतकालीन सत्र सोमवार से शुरू हो रहा है। यह सत्र 29 नवंबर से शुरू होकर 23 दिसंबर तक चलेगा। माना जा रहा है कि सत्र के दौरान विपक्ष किसानो की एमएसपी गारंटी के लिए कानून बनाये जाने की मांग के अलावा कोरोना के नए वेरिएंट, मंहगाई जैसे मुद्दों पर चर्चा की मांग कर सकता है।
