पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक का निधन, RML अस्पताल में थे भर्ती

पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक का निधन, RML अस्पताल में थे भर्ती

नई दिल्ली। पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक का आज निधन हो गया। वे 79 वर्ष के थे। सत्यपाल मलिक पिछले काफी समय से बीमार चल रहे थे और उन्हें दिल्ली के राम मनोहर लोहिया अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती किया गया था।

उत्तर प्रदेश के बागपत जिले से आने वाले मलिक का राजनीतिक जीवन 1960 के दशक में शुरू हुआ था। वह जनता दल और समाजवादी पार्टी जैसे दलों से होते हुए अंततः भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए। वह अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में केंद्रीय मंत्री भी रहे। 2018 से 2021 तक उन्हें गोवा, बिहार, मेघालय और जम्मू-कश्मीर जैसे संवेदनशील राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों का राज्यपाल बनाया गया।

सत्यपाल मलिक अपने पद से हटने के बाद कई राजनीतिक कारणों से सुर्ख़ियों में रहे। कुछ दिनों पहले उन्होंने एक ट्वीट कर कहा था, “मेरी हालत बहुत गंभीर होती जा रही है। मैं रहूं या ना रहूं इसलिए अपने देशवासियों को सच्चाई बताना चाहता हूं। जब गवर्नर के पद पर था तो उस समय मुझे 150-150 करोड़ रूपए की रिश्वत की पेशकश भी हुई परंतु में मेरे राजनीतिक गुरु किसान मसीहा स्वर्गीय चौधरी चरणसिंह जी की तरह ईमानदारी से काम करता रहा ओर मेरा ईमान वो कभी डिगा नहीं सकें। जब मैं गवर्नर था उस समय किसान आंदोलन भी चल रहा था, मैंने बग़ैर राजनीतिक लोभ लालच के पद पर रहते हुए किसानों की मांग को उठाया।”

उन्होंने आगे लिखा, “फिर महिला पहलवानों के आंदोलन में जंतर-मंतर से लेकर इंडिया गेट तक उनकी हर लड़ाई में उनके साथ रहा। पुलवामा हमले में शहीद वीर जवानों के मामले को उठाया, जिसकी आज तक इस सरकार ने कोई जांच नहीं करवाई है।

उन्होंने लिखा कि “सरकार मुझे CBI का डर दिखाकर झूठे चार्जशीट में फंसाने के बहाने ढूंढ रही है। जिस मामले में मुझे फंसाना चाहते हैं उस टेंडर को मैंने खुद निरस्त किया था, मैंने खुद प्रधानमंत्री जी को बताया था इस मामले में करप्शन है और उन्हें बताने के बाद में मैंने खुद उस टेंडर को कैंसिल किया, मेरा तबादला होने के बाद में किसी अन्य के हस्ताक्षर से यह टेंडर हुआ।”

उन्होंने ये भी कहा था, “हालांकि सच्चाई तो यह है कि 50 साल से अधिक लंबे राजनीतिक जीवन में बहुत बड़े-बड़े पदों पर देशसेवा करने का मौका मिलने के बाद आज़ भी मैं एक कमरे के मकान में रह रहा हूं ओर कर्ज में भी हूं। अगर आज मेरे पास धन दौलत होती तो मैं प्राइवेट हॉस्पिटल में इलाज करवाता।”

TeamDigital