यूपी, उत्तराखंड और पंजाब के चुनावो पर किसानो की नज़र, अब लखनऊ में भी डेरा डालेंगे किसान

नई दिल्ली। कृषि कानूनों को रद्द करने और एमएसपी गारंटी के लिए कानून बनाये जाने की मांग को लेकर शुरू हुए किसान आंदोलन के आठ महीने पूरे होने पर भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने बड़ा बयान दिया है।

टिकैत ने किसान आंदोलन को और तेज करने के संकेत दिए। इतना ही नहीं उन्होंने अगले वर्ष होने जा रहे पंजाब, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव से पहले इन राज्यों में किसान आंदोलन खड़ा करने और किसानो को लेकर सरकार की नीतियों की जानकारी किसानो तक पहुंचाने की बात कही है।

भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि 8 महीने आंदोलन करने के बाद संयुक्त मोर्चा ने फैसला किया है कि हम उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, पंजाब और पूरे देश में जाकर किसानों से अपनी बात रखेंगे और सरकार की नीति व काम को लेकर बात करेंगे। 5 सितंबर को मुजफ्फरनगर में बड़ी पंचायत होगी।

टिकैत ने दिल्ली की तरह लखनऊ में भी किसानो के डेरा डालने का एलान करते हुए कहा कि लखनऊ को भी दिल्ली बनाया जाएगा जिस तरह दिल्ली में चारों तरफ के रास्ते सील हैं, ऐसे ही सील होंगे। हम इसकी तैयारी करेंगे।

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किसान नेता ने कहा कि आंदोलन आज से शुरू हो चुका है। 5 सितंबर को बड़ी पंचायत करेंगे। वहां से बड़ी बैठकों की घोषणा होगी। पहले पूरे प्रदेश में हम 18 बड़ी पंचायतें करेंगे उसके बाद ज़िलों में छोटी बैठकें करेंगे।

गौरतलब है कि कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग कर रहे किसान संगठनो के नेताओं और सरकार के बीच कई दौर की बातचीत के बावजूद कोई हल नहीं निकला है। नए कृषि कानूनों को रद्द करने से पल्ला झाड़ चुकी केंद्र सरकार के कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तौमर पहले ही कह चुके हैं कि कृषि कानूनों को रद्द करने के अलावा यदि किसान नेता किसी और प्रस्ताव पर बात करना चाहते हैं तो सरकार बातचीत के लिए तैयार है।

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