पीएम मोदी के मन की बात कार्यक्रम के दौरान किसानो ने थाली बजाकर जताया विरोध

पीएम मोदी के मन की बात कार्यक्रम के दौरान किसानो ने थाली बजाकर जताया विरोध

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आज मन की बात कार्यक्रम के दौरान किसानो ने थाली बजाकर विरोध जताया। वहीँ जंतर मंतर पर पंजाब कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया।

गौरतलब है कि कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग कर रहे किसानो ने पीएम मोदी के मन की बात कार्यक्रम के दौरान थाली बजाकर विरोध करने का एलान किया था। सिंघु बॉर्डर पर किसान आंदोलन में शामिल एक किसान ने कहा कि पीएम मोदी के मन की बात हम सालो से सुनते आ रहे हैं। अब वे किसानो के मन की बात सुने।

वहीँ आज 32वे दिन भी किसान आंदोलन जारी है। किसान संगठनों ने सरकार को वार्ता के​ लिए 29 दिसंबर का प्रस्ताव दिया है। बैठक से पहले किसान संगठनों ने सरकार को भेजे गए पत्र में उन मुद्दों का भी खुलासा कर दिया है जिन पर वे बात करना चाहते हैं।

बुराड़ी के निरंकारी समागम ग्राउंड में कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे किसानों ने प्याज की फसल लगाई। एक किसान ने बताया, “हमें यहां बैठे एक महीना हो गया है। खाली बैठे क्या करें, इसलिए खेती कर रहे हैं। ​अगर मोदी जी नहीं मानते तो पूरे बुराड़ी ग्राउंड में फसल उगा देंगे।”

कृषि कानूनों के विरोध में किसानो द्वारा शुरू किये गए आंदोलन में शामिल होने के लिए पंजाब से किसानो का एक बड़ा जत्था आज सिंघु बॉर्डर पहुंच रहा है। एक किसान ने बताया कि इस जत्थे में एक हज़ार से अधिक ट्रेक्टर ट्रॉलियां शामिल हैं। इस जत्थे में बड़ी तादाद में महिलाएं भी हैं।

इससे पहले कल किसान संगठनों की एक संयुक्त बैठक में बातचीत के लिए सरकार की तरफ से भेजी गई नई चिट्ठी पर चर्चा हुई। सरकार की नई चिट्ठी को लेकर किसान संगठनो ने सकारात्मक रुख दिखाते हुए बातचीत के लिए 29 दिसंबर की तारीख तय की है लेकिन किसान नेताओं का कहना है कि सरकार इधर उधर की बात करने की जगह सीधे मुद्दों पर बात करे।

बैठक के बाद 40 किसान संगठनों के संयुक्त किसान मोर्चा की तरफ से एक पत्र केंद्रीय कृषि व किसान कल्याण मंत्रालय के संयुक्त सचिव विवेक अग्रवाल को शनिवार दोहपर बाद भेज भी दिया गया है।

किसानो ने सरकार को बताये बातचीत के मुद्दे:

तीन केंद्रीय कृषि कानूनों को रद्द/निरस्त करने के लिए अपनाए जाने वाली क्रियाविधि।
सभी किसानों और कृषि वस्तुओं के लिए राष्ट्रीय किसान आयोग द्वारा सुझाए लाभदायक एमएसपी की कानूनी गारंटी देने की प्रक्रिया और प्रावधान।
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और आसपास के क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता प्रबंधन के लिए आयोग अध्यादेश, 2020 में ऐसे संशोधन, जो अध्यादेश के दंड प्रावधानों से किसानों को बाहर करने के लिए जरूरी हैं।
किसानों के हितों की रक्षा के लिए “विद्युत संशोधन विधेयक 2020” के मसौदे में जरूरी बदलाव।

TeamDigital