27वां दिन: किसानो ने कहा, “सरकार की तरफ से बातचीत का कोई निमंत्रण नहीं मिला”
नई दिल्ली। कृषि कानूनों के विरोध में आज 27वे दिन भी किसान आंदोलन जारी है। कड़ाके की सर्दी के बावजूद अभी भी सिंघु बॉर्डर, टिकरी बॉर्डर और गाज़ीपुर में किसान डेरा डाले हुए हैं। कृषि कानूनों के खिलाफ किसानो की भूख हड़ताल भी जारी है। प्रतिदिन 11 किसान भूख हड़ताल पर बैठ रहे हैं।
इस बीच भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत ने कहा कि सरकार की तरफ से बातचीत का अभी तक कोई निमंत्रण नहीं मिला है। गाज़ीपुर बॉर्डर पर टिकैत ने कहा कि किसानों ने निर्णय लिया है कि जब तक सरकार कृषि कानूनों को वापस नहीं ले लेती तब तक वे वापस नहीं जाएंगे। सभी मुद्दों को हल करने में एक महीने से अधिक समय लगेगा।
ग़ाज़ीपुर बॉर्डर पर किसान आंदोलन में हिस्सा ले रहे लोगों ने एक वैन में ब्लड कैंप आयोजित कर रक्तदान किया। एक रक्तदाता ने बताया, “हमने सोचा क्यूं न हम अपना रक्त दान करें जो किसानों और जवानों के काम आ सके। देश में किसी को भी खून की जरूरत हो उन्हें भी हमारा रक्त मिले।”
किसानो के समर्थन में मुंबई में प्रदर्शन:
पंजाब और हरियाणा के किसानों के समर्थन में मुंबई में कई संगठनों और किसानों ने आज विरोध प्रदर्शन किया। किसानो के समर्थन में बांद्रा कलेक्टर कार्यालय से लेकर रिलायंस कॉर्पोरेट कार्यालय तक मार्च निकाला गया।
महिला वकील फोरम ने किया उपवास का एलान:
किसानों के चल रहे सत्याग्रह को समर्थन देने के लिए दिल्ली हाई कोर्ट की महिला वकील फोरम ने उपवास रखने का फैसला किया है। महिला वकीलों का कहना है कि जिस तरह से कृषि कानूनों को लेकर किसानों का विरोध प्रदर्शन जारी है। उसमें वह भी अपना समर्थन किसानों को देने के लिए एक दिन का उपवास रखेंगी।
एनएच 9 पूरी तरह जाम:
इससे पहले किसानो ने एनएच 9 को पूरी तरह से जाम कर दिया है। दिल्ली से गाजियाबाद आने वाली लेन पर भी किसान बैठे हैं। एनएच 9 को कल दोपहर से पूरी तरह जाम कर दिया गया था. किसानों का आरोप है कि कुठार, पूरणपुर आदि में यूपी गेट आ रहे किसानों की ट्रालियां रोकी गई हैं, जिसके बाद आज सुबह किसानों ने एनएच-9 को पूरी तरह से बंद कर दिया है।
