कृषि कानूनों के खिलाफ आज किसानो का भारत बंद, कांग्रेस सहित कई विपक्षी दलों का समर्थन
नई दिल्ली। कृषि कानूनों के खिलाफ पिछले 9 महीने से अधिक समय से दिल्ली की सीमाओं पर प्रदर्शन कर रहे किसानो ने 27 सितंबर को भारत बंद का आह्वान किया है। आज भारत बंद के दौरान सुबह 6 बजे से शाम 4 बजे तक दिल्ली बॉर्डर के सभी रास्तों पर किसान धरने पर बैठेंगे।
संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) के तत्वावधान में तीन कृषि कानूनों का विरोध कर रहे किसानों द्वारा सोमवार को आहूत 10 घंटे की राष्ट्रव्यापी हड़ताल का कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी सहित विपक्ष के कई दलों ने समर्थन किया है।
इस बीच कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तौमर ने किसानो से बातचीत का रास्ता अपनाने की अपील की है। उन्होंने कहा, “मैं किसानों से आग्रह करता हूं कि वो आंदोलन छोड़कर वार्ता का रास्ता अपनाएं। सरकार उनके द्वारा बताई गई आपत्ती पर विचार करने के लिए तैयार है और इससे पहले भी कई बार बात हो चुकी है और इसके बाद भी उन्हें लगता है कि कोई बात बची है तो सरकार उस पर जरूर बात करेगी।”
वहीँ पानीपत में भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत ने कहा कि भारत सरकार नए कृषि क़ानूनों को जितनी ज़ल्दी वापस लेगी उतना सरकार को फायदा होगा नहीं तो संयुक्त किसान मोर्चा के लोग पूरे देश में जाएंगे आपके ख़िलाफ़ आंदोलन करेंगे। आपके जहां-जहां चुनाव होंगे आपके चुनाव पर वोट की चोट करने का काम करेंगे।
भारत बंद में क्या रहेगा बंद:
संयुक्त किसान मोर्चे के मुताबिक, आज भारत बंद के दौरान सभी सरकारी और निजी दफ्तर, शिक्षण और अन्य संस्थान, दुकानें, उद्योग और व्यावसायिक प्रतिष्ठान बंद रहेंगे। बंद से सभी आपात प्रतिष्ठानों, सेवाओं, अस्पतालों, दवा की दुकानों, राहत एवं बचाव कार्य और निजी इमरजेंसी वाले लोगों को बाहर रखा गया है।
भारत बंद को कई दलों का समर्थन:
कृषि कानून के खिलाफ संयुक्त किसान मोर्चे द्वारा आज किये गए भारत बंद के एलान का कई विपक्षी दलों ने समर्थन दिया है। इसमें कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी, तेलगु देशम, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी सहित अन्य वाम दलों के अलावा स्वराज इंडिया ने भी किसानो के भारत बंद का समर्थन किया है।
कांग्रेस प्रवक्ता गौरव वल्लभ ने कहा कि कांग्रेस पार्टी और उसके सभी कार्यकर्ता किसान संगठनों व किसानों द्वारा 27 सितंबर को बुलाए गए शांतिपूर्ण भारत बंद का समर्थन करेंगे।
