दो पोल में पिछड़ गए ट्रंप, चुनाव से पहले तेजी से घट रहा जनाधार
वाशिंगटन। अमेरिका में राष्ट्रपति पद के चुनाव से पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। ट्रंप की अपनी पार्टी के कई सीनियर नेताओं ने राष्ट्रपति चुनाव में ट्रंप का साथ न देने का एलान कर ट्रंप की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं।
वहीँ हाल ही में राष्ट्रपति पद के चुनाव से पहले आये दो अहम सर्वे में डोनाल्ड ट्रंप अपने प्रतिद्वंदी डेमोक्रेडिट पार्टी के उम्मीदवार जो बिडेन से पिछड़ गए हैं। इसके बाद ट्रंप खेमे की चिंताएं और बढ़ गई हैं।
सीएनएन के सर्वे में डोनाल्ड ट्रंप की रेटिंग पिछले महीने के मुकाबले अप्रूवल रेटिंग 7 पॉइंट कम हुई है। अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव से पहले कोरोना संक्रमण और नस्लवाद को लेकर शुरू हुए प्रदर्शनों की दोहरी मार डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति चुनाव पर पड़ती दिख रही है।
इससे पहले एनबीसी न्यूज और वाल स्ट्रीट जर्नल के पोल में भी ट्रंप को जो बिडेन से 7 फीसदी पॉइंट पीछे रहे थे। माना जा रहा है कि एक अश्वेत नागरिक की पुलिस थर्ड डिग्री में मौत के बाद श्वेत लोगों में ट्रंप के प्रति नज़रिये में बदलाव आया है और इसका असर राष्ट्रपति चुनाव में दिखेगा।
राष्ट्रपति पद के उमीदवार डोनाल्ड ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी के कई सीनियर नेता जिनमे जूनियर बुश और कोलिन पावेल भी शामिल हैं, साफतौर पर ट्रंप का समर्थन न करने का एलान कर चुके हैं।
फिलहाल ट्रंप खेमे को यह तो समझ आ ही गया है कि सब कुछ पैसे से कर पाना संभव नहीं हैं और यदि अमेरिका में नस्लवाद का बबंडर नहीं थमा तो ट्रंप को राष्ट्रपति चुनाव में कुर्सी गंवानी पड़ेगी।
अफ़्रीक़ी मूल के पहले अमरीकी विदेश मंत्री कोलिन पावेल ने अभी हाल ही में ट्रंप पर निशाना साधते हुए कहा था कि कि वह पेशावर झूठे हैं और उन्होंने अपने नस्लवाद की वजह से अमरीका के संविधान को नज़रअंदाज़ किया और देश का विभाजन कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि रिपब्लिकन होने के बावजूद वह अपना वोट डेमोक्रेटिक पार्टी के उम्मीदवार जो बाइडन को देंगे।
