पिछले चुनाव में जिन इलाको में था दबदबा, इस बार उन्ही इलाको पिछड़ रहे ट्रंप
वाशिंगटन। पिछले चुनाव में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को जिन इलाको में बढ़त मिली इस बार उन्ही इलाको में उनका विरोध बढ़ रहा है। अमेरिका में इस वर्ष नवंबर में राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव होने हैं।
सीएनएन के एक ताजा सर्वे में खुलासा हुआ है कि एरीज़ोना, फ़्लोरिडा और मिशिगन जैसे राज्यों में डोनाल्ड ट्रंप का विरोध बढ़ा है। पिछले चुनाव में डोनाल्ड ट्रंप ने इन्ही राज्यों में बड़ी सफलता हासिल की थी।
सीएनएन के सर्वेक्षण के मुताबिक इस बार एरीज़ोना, फ़्लोरिडा और मिशिगन में डोनाल्ड ट्रंप के प्रतिद्वंदी और जो बिडेन का प्रभाव लगातार बढ़ रहा है। जो ट्रंप के लिए टेंशन देने वाला है।
सर्वे के मुताबिक अब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के विरोध में लोग खुलकर बोलने लगे हैं। अमेरिकी लोगों की सोचा में यह परिवर्तन कोरोना संकट पर डोनाल्ड ट्रंप बड़बोलेपन और अमेरिका में पुलिस कार्रवाही में अश्वेत नागरिक की मौत के बाद आया है।
वहीँ राष्ट्रपति चुनाव में ट्रंप के प्रतिद्वंदी बिडेन ने हाल ही में कहा, “जिस तरह से ट्रंप त्वचा के रंगों के आधार पर लोगों के साथ व्यवहार करते हैं, जहां से वो आते हैं। यह बेहद घिनौना है।”
बिडेन ने कहा, “किसी भी राष्ट्रपति ने कभी ऐसा नहीं किया। कभी नहीं, कभी नहीं, कभी नहीं। किसी भी रिपब्लिकन राष्ट्रपति ने ऐसा नहीं किया है। कोई डेमोक्रेटिक अध्यक्ष ने ऐसा नहीं किया। हमारे पास नस्लवादी हैं और वे अस्तित्व में हैं। उन्होंने राष्ट्रपति निर्वाचित होने की कोशिश की है। वो पहले है।” आगे बिडेन ने यह भी कहा कि ट्रम्प महामारी के बीच विचलित करने के लिए इसका उपयोग कर रहे हैं।
बुधवार को आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान जब एक व्यक्ति ने कोरोना वायरस महामारी के इर्द-गिर्द नस्लवाद की शिकायत की और राष्ट्रपति ट्रंप का उल्लेख करते हुए इसे “चीनी वायरस” के रूप में उल्लेख किया, तो बिडेन ने ट्रंप और ” फैलते नस्लवाद” का जवाब दिया।
