असम में मौलाना बदरुद्दीन की पार्टी एआईयूडीएफ से गठबंधन करेगी कांग्रेस

असम में मौलाना बदरुद्दीन की पार्टी एआईयूडीएफ से गठबंधन करेगी कांग्रेस

नई दिल्ली। असम में अगले वर्ष होने वाले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस एक बार फिर अपने पुराने सहयोगी एआईयूडीएफ से गठबंधन करेगी। हालांकि अभी इस गठबंधन पर पार्टी हाईकमान की मुहर लगना बाकी है।

तीन बार के असम के मुख्यमंत्री रहे कांग्रेस नेता तरुण गोगोई ने मंगलवार को कहा कि उनकी पार्टी ने 2021 के विधानसभा चुनावों के लिए ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (AIUDF) के साथ एक महागठबंधन बनाने का फैसला किया है।

गोगोई ने कहा, “विधान सभा चुनाव में गठबंधन के लिए केवल एआईयूडीएफ ही नहीं बल्कि हम सभी समान विचारधारा वाले दलों के हमारे विकल्प खुले हैं। जबकि आल असम स्टूडेंट यूनियन कांग्रेस की सहयोगी नहीं होगी। उन्होंने कहा कि राज्य के लोग अर्थव्यवस्था की स्थिति से असंतुष्ट हैं, लोगों की नौकरियां जा रही हैं और चारों ओर अनिश्चितता का माहौल है।”

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि “असम में भाजपा के खिलाफ लहर है।” राज्य में युवाओं, किसानों, आदिवासियों और बंगालियों को लगता है कि उनके साथ धोखा हुआ है। असम के लोग आज एक महागठबंधन चाहते हैं।”

गौरतलब है कि 2016 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस का आल इंडिया यूनिटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (एआईयूडीएफ) से गठबंधन नहीं हो पाया था और दोनों पार्टियों ने अलग अलग चुनाव लड़ा था। इससे बीजेपी को वोटों के विभाजन का लाभ मिला और राज्य की कुल 126 सीटों में से बीजेपी ने 60 सीटें जीतकर राज्य में सरकार बनाई। जबकि असम गण परिषद (एजीपी) और बोडोलैंड प्यूपिल्स फ्रंट (बीपीएफ) ने क्रमशः 14 और 12 सीटें जीतीं। वहीँ आईआईयूडीएफ ने 13 और कांग्रेस ने 25 सीटें जीतीं।

इससे पहले 2011 के विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी को सिर्फ 5 सीटें ही मिली थीं। जबकि कांग्रेस ने 79 सीटें जीतकर राज्य में सरकार बनाई थी। इस चुनाव में एआईयूडीएफ ने 18 सीटें जीती थीं।

TeamDigital