महाराष्ट्र में ‘एकला चलो’ पर काम कर रही कांग्रेस

मुंबई। महाराष्ट्र में महाविकास अघाड़ी सरकार में शामिल कांग्रेस अगले विधानसभा चुनाव में अकेले मैदान में उतरने का मन बना रही है। पिछले कुछ दिनों में यह बात साफ़ हो गई है कि महाराष्ट्र में शिवसेना-कांग्रेस और एनसीपी के बीच सबकुछ ठीक नहीं चल रहा।

इस बीच शिवसेना के एक विधायक का पत्र वायरल हो रहा है। मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को लिखे गए इस पत्र में कहा गया है कि कांग्रेस और एनसीपी की जगह बीजेपी के साथ मिलकर सरकार बनाई जाए।

शिवसेना विधायक प्रताप सरनाईक द्वारा लिखे गए पत्र में कहा गया है कि एनसीपी और कांग्रेस को अपना मुख्यमंत्री चाहिए। इसलिए अच्छा होगा कि आप (सीएम ठाकरे) पीएम मोदी के करीब आ जाएं।

पत्र में कहा गया है कि कांग्रेस अकेले चुनाव लड़ना चाहती है और एनसीपी शिवसेना से नेताओं को तोड़ रही है। एनसीपी को केंद्र से परोक्ष समर्थन प्राप्त है क्योंकि एनसीपी नेताओं के पीछे कोई सेंट्रल एजेंसी नहीं लगी है।

प्रताप सरनाईक ने लिखा कि वो उद्धव ठाकरे और उनके नेतृत्व में विश्वास करते हैं, लेकिन कांग्रेस और एनसीपी हमारी पार्टी को कमजोर करने की कोशिश कर रही हैं। उन्होंने पत्र में कहा कि

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वहीँ दूसरी तरफ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष नाना पटोले ने कहा कि राज्य में शिवसेना, राकांपा और कांग्रेस की एमवीए गठबंधन सरकार का गठन पांच साल के लिए हुआ है और यह कोई स्थायी गठजोड़ नहीं है।

पटोले का यह बयान मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे की उस टिप्पणी के बाद आया है जिसमें उन्होंने कहा था कि लोगों की समस्याओं का समाधान करने के बजाय अकेले चुनाव लड़ने की बात करने वालों की जनता ‘चप्पल से पिटाई’ करेगी। उद्धव ठाकरे ने कहा था कि सभी पार्टियों को अपनी महात्वाकांक्षाओं को परे रखकर अर्थव्यवस्था और स्वास्थ्य पर ध्यान देना चाहिए।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि ठाकरे के बयान में स्पष्टता नहीं है कि वह किसके बारे में बात कर रहे हैं। पटोले ने कहा कि ठाकरे ने उक्त टिप्पणी शिवसेना के 55वें स्थापना दिवस पर पार्टी अध्यक्ष के तौर पर दी थी न कि मुख्यमंत्री के तौर पर दी।

उन्होंने कहा कि यहां तक कि भाजपा भी अकेले चुनाव लड़ने की बात करती है। उन्होंने कहा कि पिछले चुनाव में चारों पार्टियां शिवसेना, कांग्रेस, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) और भाजपा ने विधानसभा चुनाव अकेले ही लड़ा था।

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