Video: सीएम गहलोत की अगुवाई में राजभवन पर विधायकों ने डेरा डाला, नारेबाजी

Video: सीएम गहलोत की अगुवाई में राजभवन पर विधायकों ने डेरा डाला, नारेबाजी

जयपुर। राजस्थान में विधानसभा का सत्र बुलाने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की अगुवाई में कांग्रेस विधायकों ने राजभवन पहुंचे और वहां नारेबाजी की।

इससे पहले आज हाईकोर्ट ने सचिन पायलट खेमे को बड़ी राहत देते हुए यथा स्थति बनाये रखने का आदेश सुनाया। अब सुनवाई पूरी होने तक विधानसभा स्पीकर पायलट केमे के विधायकों के खिलाफ कार्रवाही नहीं कर सकेंगे।

हाईकोर्ट के इस फैसले को अशोक गहलोत सरकार के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। ऐसे में यदि विधानसभा का सत्र आयोजित होता है तो पायलट खेमे के विधायकों का क्या रुख रहेगा, यह अभी तक साफ़ नहीं है।

वहीँ फ्लोर टेस्ट की स्थति में यदि पायलट खेमे के 18 विधायक सरकार के खिलाफ मतदान करते हैं तो गहलोत सरकार का गिरना भी तय है। फिलहाल राजस्थान में असमंजस की स्थति बनी हुई है।

वहीं कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने ट्वीट करते हुए कहा कि बीजेपी ने सविंधान को ‘सर्कस’ बना दिया है। प्रजातंत्र को ‘द्रौपदी’ व जनमत को ‘बंधक’. भूलें मत, ‘द्रौपदी के चीरहरण’ करने वाले ‘कौरवों’ का जो हाल हुआ था, वही हाल ‘कृष्ण रूपी’ राजस्थान की जनता भाजपाई साज़िश का करेगी। अब होगा न्याय!

वहीँ दूसरी तरफ पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट ने ख़ामोशी तोड़ते हुए कहा कि उनकी लड़ाई कांग्रेस से नहीं बल्कि अशोक गहलोत से है। उन्होंने कहा कि वे किसी भी हाल में बीजेपी में नहीं जायेंगे और जो झूठे आरोप उन पर लगाए गए हैं उनका जबाव देंगे। पायलट ने जल्द ही प्रेस कांफ्रेंस करने की बात भी कही है।

इससे पहले मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सोमवार को राज्यपाल कालराज मिश्र से मुलाक़ात कर विधानसभा का सत्र बुलाये जाने की मांग रखी। आज मुख्यमंत्री अशोक गलत ने मीडिया से बातचीत में कहा कि मैंने राज्यपाल महोदय से फोन पर बात कर कहा है कि हम सोमवार से विधानसभा का सत्र चाहते हैं। उन्होंने कहा कि हरियाणा में मौजूद विधायकों की बात करते हुए उन्होंने कहा कि किस तरह का दबाव उन पर पड़ रहा है? किस कारण से रोका गया? हमारे पास स्पष्ठ बहुमत है।

TeamDigital