कांग्रेस का ऑनलाइन कैंपेन: क़र्ज़ नहीं, नगद मदद दे सरकार

कांग्रेस का ऑनलाइन कैंपेन: क़र्ज़ नहीं, नगद मदद दे सरकार

नई दिल्ली। कोरोना संकट के चलते आजीविका कमाने के रास्ते बंद होने को लेकर कांग्रेस ने देश के आम नागरिको को मदद दिए जाने का मुद्दा जोरशोर से उठाया है। कांग्रेस ने आज अपने ऑनलाइन कॅम्पेन “स्पीकअप इंडिया” के माध्यम से सरकार से देश के लोअर मिडिल क्लास और गरीब, मजदूरों, किसानो के खाते में मदद के तौर पर धनराशि भेजे जाने की मांग की।

इस कैंपेन के तहत जहाँ कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी, पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और महासचिव प्रियंका गांधी तथा देशभर के कांग्रेस पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने ने अपने वीडियो संदेश जारी किये।

कांग्रेस नेताओं ने अपने वीडियो शेयर कर गरीब, मजदूरों, किसानों, असंगठित कर्मचारियों और छोटे दुकानदारों के मुद्दा उठाये। कांग्रेस पार्टी ने 50 लाख कार्यकर्ताओं को ऑनलाइन जुटाने का लक्ष्य रखा है।

कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने चिट्ठी और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पहले ही निर्देश दे रखा है कि इस अभियान में सभी कार्यकर्ताओं का शामिल होना अनिवार्य है। इस संबंध में वेणुगोपाल ने खुद ही सभी कांग्रेस प्रदेश अध्यक्षों से सीधे बातचीत की है।

कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी ने अपने वीडियो संदेश में अपने घरो को पैदल जा रहे प्रवासी मजदूरों से सहानुभूति जताते हुए कहा कि पिछले दो महीने से गरीब, मजदूर और किसान परेशान है। आजादी के बाद पहली बार है कि मजदूर हजारो और सैकड़ो किलोमीटर भूखे प्यासे पैदलचलकर अपने घर वापस जा रहे हैं। मजदूरों और गरीबों के डर और पीड़ा को सरकार नहीं समझ रही है।

उन्होंने कहा कि कोरोना संकट और लॉकडाउन के चलते करोड़ो रोजगार चले गए गए किसान की फसल बर्बाद हो गई है। हम केंद्र सरकार से एक बार फिर आग्रह करते हैं कि खजाने का ताला खोलिए और सभी को 7500 रुपये महीने तक आर्थिक मदद दीजिए।

उन्होंने कहा कि सरकार को तुरंत 10 हजार गरीब, मजदूर, छोटे दुकानदार की दिया जाना चाहिए। सोनिया गांधी ने कहा कि मनरेगा के काम को 200 दिन सरकार तय करे।

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि सरकार गरीब, मजदूर और किसानों को लोन के बजाय आर्थिक मदद दी जाए। आज इसी कड़ी में कांग्रेस समर्थक कार्यकर्ता नेता सोशल मीडिया के सरकार के सामने एक बार फिर मांग दोहरा रहे हैं।

TeamDigital