कांग्रेस का आरोप: ICMR ने छिपाये कोरोना से मौत के आंकड़े, आपराधिक जांच की मांग

नई दिल्ली। कांग्रेस ने कोरोना से मौत के आंकड़ों में हेरफेर का आरोप लगाते हुए मोदी सरकार और भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) गंभीर आरोप लगाए हैं। पार्टी ने कोरोना से हुई मौत के आंकड़ों में हेरफेर की आपराधिक जांच की मांग की है।

कांग्रेस महासचिव अजय माकन ने पत्रकार वार्ता में कहा कि आईसीएमआर को जो काम करना चाहिए था, उस काम में आईसीएमआर विफल रही है। जिसकी वजह से हमारे देश में लगभग 68 लाख लोग मृत्यु को प्राप्त हो चुके हैं। अगर सही समय पर चेतावनी दी होती तो ऐसी स्थिति नहीं आती।

अजय माकन ने कहा कि द इकोनॉमिस्ट का ट्रैकर कहता है कि लगभग 68 लाख लोग इस लापरवाही की वजह से मारे गये। यह कोई छोटी बात नहीं है। कांग्रेस पार्टी मांग करती है- ICMR में काम करने वाले हमारे साइंटिस्ट ये जो 10 तथ्य लेकर आये हैं, इन तथ्यों पर आपराधिक जाँच होनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि हम मांग करते हैं कि क्रिमिनल इवेंस्टिगेशन में ICMR के टॉप ऑफिसर के ऊपर, हमारे देश के प्रधानमंत्री और उस समय के तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री की जांच होनी चाहिए कि इन तीनों की आपराधिक संलिप्तता किस तरीके से पाई गई है।

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कांग्रेस महासचिव ने मोदी सरकार और आईसीएमआर को कटघरे में खड़ा करते हुए दावा किया कि जो 10 बातें साइंटिस्ट ने कही हैं, उसको हमने इकट्ठा किया है। यह आईसीएमआर की आपराधिक संलिप्तता है, जिसके अंदर प्रधानमंत्री और उस समय के स्वास्थ्य मंत्री भी आते हैं।

उन्होंने दावा किया कि आईसीएमआर के कुछ प्रमुख वैज्ञानिकों को हटना पड़ा क्योंकि सरकार की ओर से दबाव बनाया जा रहा था। इन लोगों ने जो बातें सामने रखी हैं वो बहुत गंभीर हैं। इन वैज्ञानिकों ने कहा है कि लॉकडाउन के मामूली असर से जुड़े अध्ययन को दबाव बनाकर वापस करवाया गया। आईसीएमआर पर दबाव बनाया गया और कहलवाया गया कि भारत में कोविड 19 तेजी से नहीं फैल रहा है।

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