बसपा में बड़ी बगावत की तैयारी, अखिलेश यादव से मिले बसपा विधायक

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में अहले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले बहुजन समाज पार्टी (बसपा) में बड़ी बगावत हो सकती है। बहुजन समाज पार्टी के कम से कम पांच विधायकों ने पिछले दरवाजे से समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव से मुलाकात कर बसपा में बगावत के संकेत दे दिए हैं।

जौनपुर जिले के मुंगरा बादशाहपुर विधानसभा क्षेत्र से विधायक सुषमा पटेल ने कहा, “सपा प्रमुख अखिलेश यादव के साथ 15-20 मिनट तक चली बैठक में आगामी यूपी विधानसभा चुनावों पर चर्चा हुई और यह एक अच्छी मुलाकात थी।” भविष्य की कार्रवाई के बारे में पूछे जाने पर, पटेल ने कहा, “व्यक्तिगत रूप से, मैंने समाजवादी पार्टी में शामिल होने का मन बना लिया है।”

यह पूछे जाने पर कि बसपा के निलंबित विधायकों ने अखिलेश यादव से मिलने के लिए क्या प्रेरित किया, पटेल ने कहा, “हमें अक्टूबर 2020 में राज्यसभा चुनाव के दौरान निलंबित कर दिया गया था, और हमें स्पष्ट रूप से बसपा के झंडे और बैनर का उपयोग नहीं करने और पार्टी की किसी भी बैठख में शामिल नहीं होने के लिए कहा गया था।”

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उन्होंने कहा, “राज्यसभा चुनाव के समय, बसपा ने कोई व्हिप जारी नहीं किया था, न ही हमने क्रॉस वोटिंग की थी। हमें बिना किसी आधार के निलंबित कर दिया गया था क्योंकि हम अखिलेश यादव से मिलने गए थे।”

उन्होंने कहा, “अब, हमें विकल्प तलाशने होंगे और अब उनका बसपा से कोई लेना-देना नहीं है। सपा प्रमुख से मिलने वाले अन्य लोगों में मोहम्मद असलम रैनी, हकीमलाल बिंद, मुस्तफा सिद्दीकी और हरगोविंद भार्गव हैं।

वहीँ बहुजन समाज पार्टी में पिछले कुछ समय से उठापटक चल रही है। मायावती ने इस महीने की शुरुआत में बसपा विधायक दल के नेता लालजी वर्मा और अकबरपुर विधायक राम अचल राजभर को निष्कासित कर दिया था। इतना ही नहीं इससे पहले अक्टूबर 2020 में, बसपा के सात विधायकों को पार्टी अध्यक्ष मायावती ने निलंबित कर दिया था।

वहीँ बीजेपी से बढ़ती नज़दीकियों के बीच दावा किया जा रहा है कि 2022 के विधानसभा चुनाव में बहुजन समाज पार्टी सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी के साथ गठबंधन कर सकती है। हालांकि अपने राजनीतिक इतिहास में बहुजन समाज पार्टी का किसी दल के साथ गठबंधन बहुत दिनों तक नहीं चला है।

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