लोक जनशक्ति पार्टी में टूट, 5 बागी सांसदों ने बनाया अलग गुट

नई दिल्ली। बिहार में लोकजनशक्ति पार्टी में बड़ी टूट हुई है। पार्टी के पांच सांसदों ने संसदीय दल के अध्यक्ष पद से चिराग पासवान को हटा दिया है। बागी सांसदों का नेतृत्व कोई और नहीं बल्कि चिराग पासवान के चाचा पशुपति पारस पासवान कर रहे हैं।

इससे पहले चिराग पासवान अपने बागी चाचा को मनाने के लिए उनके घर पहुंचे थे लेकिन उन्हें एक घंटे इंतज़ार के बाद भी बिना मिले वापस लौटना पड़ा। पूरे दें चले इस हाई वोल्टेज ड्रामे के बाद दोपहर 3 बजे लोजपा के पांचों बागी सांसद लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला से मिले और उन्हें समर्थन पत्र सौंपा, जिसमें पत्र में पार्टी ने अपना नया नेता चुनने की बात कही है।

लोजपा में बगावत करने वाले पांच सांसदों की ओर से लोकसभा अध्यक्ष सौंपे गए समर्थन पत्र में बताया गया है कि वे पशुपति कुमार पारस को अपना नेता चुनते हैं। अब से पशुपति कुमार पारस लोजपा के लोकसभा संसदीय दल के नेता होंगे। वहीं महबूब अली कैसर लोकसभा संसदीय दल के उपनेता होंगे। सूरजभान सिंह भाई और नवादा से सांसद चंदन सिंह लोकसभा में पार्टी के मुख्य सचेतक होंगे।

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वहीँ इससे पहले पशुपति पारस ने एक प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा, ”हमारी पार्टी के पांच सांसदों की इच्छा थी कि पार्टी को बचाना जरूरी है। मैंने पार्टी तोड़ी नहीं है, पार्टी को बचाया है। जब तक मैं जिंदा हूं, पार्टी को जिंदा रखूंगा। चिराग पासवान मेरे भतीजे हैं। मुझे चिराग पासवान से कोई दिक्कत नहीं है। अभी भी वास्तविक पार्टी लोक जनशक्ति पार्टी ही है। अभी तक चिराग पासवान ही पार्टी के अध्यक्ष हैं, लेकिन अब वे चाहें तो आगे भी पार्टी में रह सकते हैं। हमें उनसे कोई शिकायत नहीं।”

 जनता दल (यू) में शामिल होने की बात पर पशुपति पारस ने कहा कि वे शुरुआत से एनडीए के साथ रहे हैं और आगे भी एनडीए के साथ ही रहेंगे। पशुपति पारस ने कहा कि वह नीतीश कुमार को एक अच्छा नेता मानते हैं, वह विकास पुरुष हैं।

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