मोदी भक्त भी छोड़ रहे साथ, अनुपम खैर ने की पीएम मोदी की आलोचना

नई दिल्ली। देश में कोरोना संक्रमण से मची त्राहि त्राहि पर विपक्ष के अलावा अब बीजेपी के अपने कहे जाने वाले लोग भी सरकार से अप्रसन्ता ज़ाहिर कर रहे हैं। कभी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कट्टर समर्थक रहे फिल्म अभिनेता अनुपम खैर ने भी कोरोना महामारी को लेकर केंद्र सरकार को नसीहत दी है।

बता दें कि अभिनेता अनुपम खैर की पत्नी किरण खैर चंडीगढ़ से बीजेपी सांसद हैं। उन्होंने 2014 और 2019 के आम चुनावो में बीजेपी के टिकिट पर चंडीगढ़ लोकसभा सीट से जीत दर्ज की है।

एनडीटीवी को दिए एक इंटरव्‍यू में अनुपम खैर ने कोरोना संक्रमण से पैदा हुई स्थिति पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों को लेकर कहा, “कहीं न कहीं वे लड़खड़ा गए..यह वक्त उनके लिए इस बात को समझने का है कि छवि बनाने के अलावा भी जीवन में और भी बहुत कुछ है।”

इंटरव्यू में अनुपम खेर से पूछा गया कि क्‍या सरकार की कोशिश अपनी छवि बनाने के बजाय राहत उपलब्‍ध कराने पर अधिक केंद्रित होने चाहिए थे और कोविड 19 से प्रभावित परिवार के हॉस्पिटल बेड के लिए गिड़गिड़ाते, शवों को नदी में बहते और मरीजों को संघर्ष करते हुए देखना उन्‍हें कैसा महसूस हुआ?

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इस सवाल पर इस बॉलीवुड अभिनेता ने कहा, ‘मुझे लगता है कि अधिकतर मामलों में आलोचना जायज थी और सरकार के लिए यह महत्‍वपूर्ण है कि वह ऐसा काम करे जिसके लिए लोगों ने उसे चुना है।’

खैर ने कहा कि मुझे लगता है कि सिर्फ संवेदनहीन व्‍यक्ति ही ऐसे हालातों से अप्रभावित होगा.. बहते हुए शव मगर दूसरी राजनीतिक पार्टी के लिए इसे फायदे के लिए इस्‍तेमाल करना भी ठीक नहीं है।’ अनुपम खैर ने कहा, ‘नागरिक के तौर पर हमें नाराज होना चाहिए..यह जरूरी है कि जो कुछ हुआ, उसके लिए सरकार को जवाबदेह ठहराया जाए।’

गौरतलब है कि कोरोना संक्रमित मामलो में बढ़ोत्तरी के साथ हो रही मौतों और ऑक्सीजन की कमी को लेकर जहां विपक्ष शुरू से सरकार को कटघरे में खड़ा कर रहा है वहीँ अब देश में वैक्सीन की कमी को लेकर कई राज्यों से भी केंद्र सरकार के खिलाफ आवाज़ उठने लगी है।

उत्तर प्रदेश और बिहार में गंगा में लाशो का तैरता पाया जाना और मृत लोगों का सम्मानजनक अंतिम संस्कार न होने की घटनाओं ने आम आदमी के अंदर पीड़ा पैदा की है और कई जगह सरकार के रवैये के खिलाफ पैदा हुआ असंतोष बाहर आया है।

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