बीजेपी ने स्पीकर को सौंपा अविश्वास प्रस्ताव, दिग्विजय बोले ‘हम सामना करने को तैयार’

बीजेपी ने स्पीकर को सौंपा अविश्वास प्रस्ताव, दिग्विजय बोले ‘हम सामना  करने को तैयार’

भोपाल ब्यूरो। मध्य प्रदेश में चल रही सियासी उठापटक के बीच आज सुप्रीमकोर्ट ने पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की याचिका पर मुख्यमंत्री कमलनाथ, मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव और विधानसभा स्पीकर को नोटिस जारी कर इस मामले में अगली सुनवाई कल करने का फैसला सुनाया।

मध्यप्रदेश के मंत्री पीसी शर्मा ने कहा, ‘आज उच्चतम न्यायालय ने मुख्यमंत्री कमलनाथ, विधानसभा अध्यक्ष एनपी प्रजापति और कांग्रेस पार्टी को नोटिस जारी किया है। कम हमारे वकील अदालत में मौजूद रहेंगे और हमें उच्चतम न्यायालय और न्याय प्रणाली पर पूरा भरोसा है।’

इस बीच भारतीय जनता पार्टी के नेता एक बार फिर राज्यपाल लालजी टंडन से मिलने राज भवन पहुंचे। राज्यपाल से मिलने वाले बीजेपी नेताओं में भाजपा नेताओं में पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, गोपाल भार्गव, भूपेंद्र सिंह और वीडी शर्मा शामिल थे।

सूत्रों की माने तो बीजेपी ने विधानसभा स्पीकर को कमलनाथ सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने का नोटिस भेजा है। हालांकि अभी इसकी पुष्टि नहीं हुई है।

पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने न्यूज़ एजेंसी एएनआई से कहा कि ‘अविश्वास प्रस्ताव स्पीकर साहब को दिया गया है,उस पर स्पीकर साहब निर्णय करेंगे। हम लोग अविश्वास प्रस्ताव का सामना करने के लिए तैयार हैं। जो 16विधायक बेंगलुरू में है वो चाहे जो भी बयान दें पर ये तो बताएं कि इतने दिनों से वहां कर क्या रहे हैं?’

इससे पहले आज मुख्यमंत्री कमलनाथ ने राज्यपाल लालजी टंडन के पत्र के जबाव में भेजे गए एक पत्र में कहा कि ’17 मार्च को ही बहुमत साबित करने का आपका आदेश असंवैधानिक है।’

कमलनाथ ने राज्यपाल द्वारा लिखे पत्र का जिक्र करते हुए कहा- ‘आपने यह मान लिया है कि मेरी सरकार बहुमत खो चुकी है। इससे ऐसा प्रतीत होता है कि आपने भाजपा से प्राप्त सूचनाओं के आधार पर ऐसा माना है।

कमलनाथ ने पत्र में आरोप लगाया कि ‘भाजपा ने कांग्रेस के 16 विधायकों को बंधक बना रखा है। भाजपा के नेता इन विधायकों पर दवाब डालकर उनसे बयान दिलवा रहे हैं। प्रदेश के बंदी विधायकों को स्वतंत्र होने दीजिए। 5-7 दिन खुले वतावारण में बिना दबाव के उनके घर में रहने दीजिए ताकि वो स्वतंत्र मन से अपना निर्णय ले सकें। आपने कहा है कि 17 मार्च तक फ्लोर टेस्ट नहीं कराने पर यह माना जाएगा कि मुझे वास्तव में बहुमत प्राप्त नहीं है, यह पूरी तरह से आधारहीन और असंवैधानिक है।’

दूसरी तरफ आज बेंगलुरु में रुके 22 बागी विधायकों ने एक प्रेस कांफ्रेंस कर कहा कि वे ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ हैं और उन्हें किसी ने बंधक बनाकर नहीं रखा है, वे अपनी मर्जी से बेंगलुरु आये हैं।

वहीँ कांग्रेस ने विधायकों के आरोपों को ख़ारिज करते हुए कहा कि उनसे जो बीजेपी कहलवा रही है, वे वही कह रहे हैं। कांग्रेस ने सवाल किया कि यदि कुछ नहीं है तो वे बेंगलुरु में क्यों रुके हुए हैं।

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