दूसरे चरण के चुनाव के बाद ही बीजेपी को समझ आ गया था, “बंगाल में अभी नहीं गलेगी दाल”

नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल में 6 चरणों के विधानसभा चुनाव संपन्न हो गए हैं। यहां 8 चरणों में चुनाव होने हैं लेकिन दूसरे चरण के चुनाव के बाद ही धीमे धीमे बीजेपी का जोश डाउन होता चला गया और अब शेष बचे दो चरणों के चुनाव को लेकर कहा जा रहा है कि बीजेपी का चुनावी जोश पूरी तरह पस्त हो चुका है।

वहीँ सूत्रों की माने तो पांचवे चरण के चुनाव के बाद आये बीजेपी के आंतरिक सर्वे में साफ़ तौर पर कहा गया है कि तमाम कोशिशों के बावजूद पार्टी बंगाल में सत्ता तक नहीं पहुंच रही। सूत्रों ने कहा कि पार्टी ने पश्चिम बंगाल में अपनी ताकत नापने के लिए चुनाव के बाद अब तक दो बार आंतरिक सर्वे कराया लेकिन दूसरे सर्वे की रिपोर्ट पहले सर्वे से भी ख़राब आई है।

सूत्रों ने कहा कि बीजेपी के आंतरिक सर्वे में साफ़ तौर पर कहा गया है कि बंगाल में सत्ता की चाबी महिला मतदाताओं के हाथ में हैं लेकिन पीएम मोदी के एक बयान से पार्टी का करा धरा सब चौपट हो गया है।

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पीएम मोदी द्वारा चुनावी रैलियों में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के लिए दीदी ओ दीदी वाला जो जुमला इस्तेमाल किया गया था, उससे बीजेपी को लाभ मिलने की जगह बड़ी कीमत चुकानी पड़ रही है।

सूत्रों ने कहा कि चुनाव से पहले तृणमूल कांग्रेस नेताओं के बीजेपी में जाने के साथ ही बीजेपी से जुड़ा महिला मतदाताओं का एक बड़ा हिस्सा पीएम मोदी के बयान के बाद वापस तृणमूल कांग्रेस के साथ चला गया है।

सूत्रों की माने तो बीजेपी के पहले आंतरिक सर्वे में पार्टी को 120+ सीटें मिलने की संभावना जताई गई थी। वहीँ दूसरे सर्वे में पार्टी को 70-80 सीटें मिलने की संभावना जताई गई है।

वहीँ जानकारों का कहना है कि छठवें चरण के बाद कोरोना को लेकर चुनाव आयोग द्वारा जारी की गई गाइडलाइन से बीजेपी को कोई नफा नुकसान नहीं हुआ है क्यों कि दूसरा आंतरिक सर्वे आने के बाद पार्टी को यह समझ आ गया कि उसे अब बंगाल में पसीना बहाकर कोई बड़ा फायदा नहीं हो रहा।

यही कारण हैं कि पार्टी ने अपने प्रचार की गति पर ब्रेक लगा दिए और खुद पीएम मोदी के अलावा बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा भी पश्चिम बंगाल जाने से परहेज कर रहे हैं। कोरोना को लेकर चुनाव आयोग की गाइडलाइन जारी होने के बाद बीजेपी ने पांच सौ लोगों वाली छोटी चुनावी सभाएं करने का एलान किया था लेकिन अब ये सभाएं भी वर्चुअल रैली में परिवर्तित कर दी गई हैं और दिल्ली से बैठकर संबोधित की जायेंगी।

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वहीँ पश्चिम बंगाल में 5 मई से कोरोना वैक्सीन का टीकाकरण प्रोग्राम शुरू होने का एलान करके मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने यह साफ़ कर दिया है कि वे सत्ता में फिर से लौट रही हैं। गौरलतब है कि पश्चिम बंगाल में 8 चरणों में चुनाव होने हैं। अब तक 6 चरणों के चुनाव संपन्न हो चुके हैं और दो चरणों का चुनाव अभी बाकी है। चुनाव परिणाम 2 मई को घोषित किये जाने हैं।

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