उद्धव ठाकरे गुट की बड़ी जीत, शिवसेना को मिली शिवाजी पार्क में दशहरा रैली की अनुमति

मुंबई। शिवसेना से अलग हुए एकनाथ शिंदे गुट को आज बॉम्बे हाईकोर्ट से बड़ा झटका उस समय लगा जब हाईकोर्ट ने एकनाथ शिंदे गुट के दादर से विधायक सदा सरवनकर की याचिका को खारिजत करते हुए उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना को शिवाजी पार्क में दशहरा रैली के आयोजन की अनुमति दे दी।

इतना ही नहीं बॉम्बे हाईकोर्ट ने बीएमसी के आदेश पर भी सवाल उठाये। कोर्ट ने कहा कि बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) का आदेश “कानून की प्रक्रिया और सद्भावना का स्पष्ट दुरुपयोग” है।

गौरतलब है कि मुंबई के शिवाजी पार्क में शिवसेना की दशहरा रैली के खिलाफ एकनाथ शिंदे गुट के विधायक सदा सरवनकर ने बॉम्बे हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। इस यचिका को उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना के विधायक अनिल देसाई ने चुनौती दी थी।

जस्टिस आर डी धानुका और जस्टिस कमल खाता की खंडपीठ ने ठाकरे के नेतृत्व वाली पार्टी को कानून-व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश देते हुए 2 अक्टूबर से 6 अक्टूबर तक मैदान का उपयोग करने की अनुमति दी। कोर्ट ने कहा है कि इतने वर्षों से आयोजन हो रहा है और अभी तक कोई घटना नहीं हुई है।

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दरअसल, बीएमसी ने उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना को शिवाजी पार्क में दशहरा रैली के आयोजन की अनुमति देने से इंकार करदिया था। बीएमसी ने कहा था कि न महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाले प्रतिद्वंद्वी शिवसेना धड़े के विधायक सदा सरवणकर ने दायर किया था, और अगर एक गुट को अनुमति दी जाती है, तो इससे कानून व्यवस्था की स्थिति पैदा हो सकती है।

फिलहाल बॉम्बे हाईकोर्ट का आज का फैसला उद्धव ठाकरे गुट के लिए बड़ी राहत लेकर आया है। शिवसेना कई दशकों से दशहरा के दिन शिवाजी पार्क में रैली का आयोजन करती आई है लेकिन इस बार स्थिति बदली हुई है। शिवसेना तोड़कर एकनाथ शिंदे ने एक अलग गुट बना लिया है। एकनाथ शिंदे गुट भी दशहरा के दिन शिवाजी पार्क में रैली का आयोजन करके उद्धव ठाकरे गुट से यह आयोजन छीन लेना चाहता था।

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