बाबरी मस्जिद विध्वंस मामले में कल्याण और जोशी के बाद आडवाणी ने खुद को बताया निर्दोष
नई दिल्ली। बाबरी मस्जिद विध्वंस मामले में आज सीबीआई कोर्ट में पेश हुए बीजेपी के वरिष्ठ नेता लाल कृष्ण आडवाणी ने खुद को निर्दोष बताया। आडवाणी ने खुद के ऊपर लगे सभी आरोपों को ख़ारिज करते हुए खुद को निर्दोष कहा।
1992 में अयोध्या में बाबरी मस्जिद विध्वंस मामले में आज वीडियो कांफ्रेंसिंग के ज़रिये पेश बीजेपी नेता लालकृष्ण आडवाणी से सीबीआई ने करीब सौ सवाल पूछे। आडवाणी ने खुद पर लगे आरोपों को राजनैतिक दुर्भावना से लगाया गया बताया।
गौरतलब है कि बाबरी मस्जिद विध्वंस मामले में अब तक पूर्व सीएम कल्याण सिंह, पूर्व केंद्रीय मंत्री मुरली मनोहर जोशी और पूर्व केंद्रीय मंत्री उमा भारती भी पेश हो चुके हैं।
अभी तक हुई सुनवाई में बीजेपी के हाई प्रोफ़ाइल नेताओं ने खुद पर लगे सभी आरोपों को निराधार बताया है और बाबरी मस्जिद ढहाये जाने के किसी भी तरह के षड्यंत्र में शामिल होने से इंकार किया है।
बता दें कि बाबरी मस्जिद विध्वंस मामले में सभी 32 आरोपियों के बयान सीआरपीसी की धारा—313 के तहत दर्ज हो रहे हैं। उच्चतम न्यायालय के निर्देश के अनुरूप उसे 31 अगस्त तक मामले की सुनवायी पूरी कर लेनी है।
गौरतलब है कि इससे पहले इस मामले में उत्तर प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री कल्याण सिंह ने भी सीबीआई कोर्ट में अपनी पेशी के दौरान सभी आरोपों को गलत बताते हुए खुद को निर्दोष बताया था।
वहीँ इससे पहले कल पेश हुए पूर्व केंद्रीय मंत्री मुरली मनोहर जोशी ने सीबीआई की विशेष अदालत में अपने बयान दर्ज कराते हुए कहा कि वह बाबरी मस्जिद ढहाए जाने के मामले में निर्दोष हैं और केन्द्र की तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने राजनीतिक बदले की भावना से उन्हें गलत तरीके से फंसाया है। उन्होंने आरोप लगाया था कि अभियोजन पक्ष की तरफ से इस मामले में पेश किये गये सबूत झूठे और राजनीति से प्रेरित हैं।
यहाँ अहम सवाल है कि यदि राम मंदिर आंदोलन की अगुवाई करने वाले सभी बीजेपी नेता खुद को निर्दोष बता रहे हैं तो आखिर दोषी कौन हैं ? क्या बीजेपी नेता उन कारसेवको को दोषी बताना चाह रहे हैं जो खुद बीजेपी नेताओं के आह्वान पर 6 दिसंबर 1992 को अयोध्या पहुंचे थे ?
