संसद में हंगामे के बाद बोले कृषि मंत्री, ‘सरकार संसद के अंदर और बाहर, बात करने को तैयार’

संसद में हंगामे के बाद बोले कृषि मंत्री, ‘सरकार संसद के अंदर और बाहर, बात करने को तैयार’

नई दिल्ली। कृषि कानूनों के खिलाफ जहां पिछले 66 दिनों से हज़ारो किसान दिल्ली की सीमाओं पर आंदोलन कर रहे हैं वहीँ आज लोकसभा और राज्य सभा में किसानो के मुद्दे पर विपक्ष ने जमकर हंगामा किया।

आज सुबह राज्य सभा की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष ने किसानो के मुद्दे पर चर्चा की मांग को लेकर हंगामा किया। वहीँ लोकसभा में भी कृषि कानूनों को लेकर विपक्ष ने कड़े तेवर दिखाये। विपक्ष के हंगामे के बीच कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तौमर ने कहा कि किसानो के मुद्दे पर सरकार संसद के अंदर और बाहर दोनों जगह बात करने के लिए तैयार हैं।

लोकसभा में सत्र के दौरान कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने दावा किया कि इन तीनों विवादास्पद कृषि कानूनों के खिलाफ चल रहे आंदोलन में अब तक 170 किसानों की मौत हो गई है। रंजन ने कहा, “किसानों पर अत्याचार किया जा रहा है। ब्रिटिश शासन के समान इस वक्त स्थिति है।”

लोकसभा में कृषि कानूनों पर विरोध जताते हुए विपक्ष ने किसान आंदोलन का समर्थन किया। इस दौरान विपक्षी दलों कांग्रेस, डीएमके, तृणमूल कांग्रेस, सपा और बसपा के सदस्य स्पीकर ओम बिरला के पास पहुंचकर विरोध जताने लगे। भारी हो हल्ला और शोर शराबे से आज राज्य सभा और लोकसभा की कार्यवाही बाधित हुई। इसके बाद कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तौमर की तरफ से ये प्रतिक्रिया आई है।

इस बीच भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत ने एलान किया है कि किसान आंदोलन अक्टूबर तक चलेगा। उन्होंने कहा कि अक्टूबर में समीक्षा की जाएगी उसके बाद आंदोलन समाप्त होने की अगली तारीख का एलान किया जाएगा।

दिल्ली के गाज़ीपुर बॉर्डर, टिकरी बॉर्डर और सिंघु बॉर्डर पर किसानो की बढ़ती भीड़ के बीच इंटरनेट बंद कर दिया गया है। इतना ही नहीं टिकरी बॉर्डर पर किसानो ने आरोप लगाया कि उनके पीने के पानी की सप्लाई भी बंद कर दी गई है।

TeamDigital