चुनाव आयोग के जवाब पर राहुल गांधी ने फिर दागे सवाल
नई दिल्ली। चुनावो में निष्पक्षता और पारदर्शिता को लेकर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने लगातार चुनाव आयोग को घेर रहे हैं।
राहुल गांधी ने अपने एक लेख में महाराष्ट्र चुनाव का ज़िक्र करते हुए चुनाव आयोग पर कई तरह के सवाल खड़े किये तो पहले चुनाव आयोग ने उनके सवालों को बेतुका बताया, जिस पर राहुल गांधी ने कहा कि टाल-मटोल करने वाले नोट जारी करना गंभीर सवालों का जवाब देने का तरीका नहीं है।
रायबरेली से कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि डियर चुनाव आयोग! आप एक संवैधानिक संस्था हैं। मध्यस्थों को बिना हस्ताक्षर के टाल-मटोल करने वाले नोट जारी करना सवालों का जवाब देने का तरीका नहीं है। अगर आपके पास छिपाने के लिए कुछ नहीं है तो मेरे आर्टिकल में दिए गए सवालों के जवाब दें।
उन्होंने कहा कि इसे साबित करें कि महाराष्ट्र समेत सभी राज्यों के लोकसभा और विधानसभा के सबसे हालिया चुनावों के लिए समेकित, डिजिटल, मशीन-पठनीय मतदाता सूची प्रकाशित करें। महाराष्ट्र के मतदान केंद्रों से शाम 5 बजे के बाद की सभी सीसीटीवी फुटेज जारी करें। टाल-मटोल करने से आपकी विश्वसनीयता सुरक्षित नहीं रहेगी। सच बोलने से आपकी विश्वसनीयता सुरक्षित रहेगी।
राहुल गांधी के दावे को लेकर चुनाव आयोग ने बयान जारी कर कहा कि महाराष्ट्र की वोटिंग लिस्ट के खिलाफ लगाए गए निराधार आरोप कानून के शासन का अपमान हैं। ECI ने कांग्रेस को 24 दिसंबर 2024 को ही भेजे अपने जवाब में ये सभी तथ्य सामने रखे थे, जो चुनाव आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध है। ऐसा लगता है कि ऐसे मुद्दे बार-बार उठाते हुए इन सभी तथ्यों को पूरी तरह से नजरअंदाज किया जा रहा है।
चुनाव आयोग ने कहा कि किसी के द्वारा फैलाई जा रही कोई भी गलत सूचना न केवल कानून के प्रति अनादर का संकेत है, बल्कि अपने ही राजनीतिक दल द्वारा नियुक्त हजारों प्रतिनिधियों की बदनामी भी करती है, लाखों चुनाव कर्मचारियों का मनोबल भी गिराती हैं, जो चुनाव के दौरान अथक और पारदर्शी तरीके से काम करते हैं। मतदाताओं द्वारा किसी भी प्रतिकूल फैसले के बाद यह कहकर चुनाव आयोग को बदनाम करने की कोशिश करना पूरी तरह से बेतुका है।
