आपदा में अवसर: फर्जी रेमडेसिविर रैकेट में सामने आया विहिप से जुड़े निदेशक का नाम

आपदा में अवसर: फर्जी रेमडेसिविर रैकेट में सामने आया विहिप से जुड़े निदेशक का नाम

नई दिल्ली। देश में कोरोना महामारी के बीच मरीजों के परिजन ऑक्सीजन और रेमडेसिविर इंजेक्शन से लिए इधर उधर गुहार लगा रहे हैं। सोशल मीडिया पर तमाम ऐसे पोस्ट देखे जा सकते हैं जिनमे कोरोना संक्रमित मरीजों के लिए ऑक्सीजन सिलेंडर, रेमडेसिविर इंजेक्शन या प्लाज़्मा के लिए गुहार लगाई जा रही है।

वहीँ इस मार्मिक माहौल में भी कुछ लोग आपदा को अवसर बनाने से नहीं चूक रहे हैं। कहीं ऑक्सीजन के सिलेंडर ब्लैक में बिक रहे हैं तो कहीं अस्पतालों में बैड के लिए मोटी रकम चुकानी पड़ रही है।

मध्य प्रदेश में तो आपदा में अवसर की तलाश में बैठे लोगों ने रेमडेसिविर के फ़र्ज़ी इंजेक्शन बनाकर ही बेच डाले। इस मामले में विश्व हिन्दू परिषद से जुड़े जबलपुर के एक अस्पताल के निदेशक सरबजीत सिंह मोखा समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।

विश्व हिन्दू परिषद ने भी सरबजीत सिंह मोखा के संगठन से जुड़े होने की पुष्टि की है। वीएचपी के प्रांतीय मंत्री राजेश तिवारी ने कहा है कि मोखा को सभी पदों से मुक्त कर दिया गया। साथ ही उन्होंने मांग की है कि ऐसे लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए।

मोखा पर आरोप है कि इसने 500 नकली रेमडेसिविर इंजेक्शन कोविड मरीजों को लगा दिए. इन मरीजों में से कई की मौत होने की आशंका जताई जा रही है।

इस मामले में जबलपुर की ओमती थाना पुलिस ने इस मामले में धारा 274, 275, 308, 420 समेत डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट और ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया है।

गुजरात से हो रही थी सप्लाई:

जांच के दौरान सामने आया कि फ़र्ज़ी रेमडेसिविर इंजेक्शन गुजरात में तैयार किये जाते थे। फ़र्ज़ी इनेक्श्नो का उस समय भांडा फूटा जब गुजरात पुलिस ने नकली रेमडेसीवीर मामले में सपन जैन को गिरफ्तार किया था। उसने पूछताछ में सरबजीत सिंह मोखा का नाम लिया. इसके बाद पुलिस ने 48 घंटे के अंदर नकली इंजेक्शन की चैन का भंडाफोड़ कर दिया।

TeamDigital