ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग से फिर की शेष चरणों के चुनाव एक साथ कराने की मांग
कोलकाता। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से चुनाव आयोग से एक बार फिर अपील की है कि वह पश्चिम बंगाल में शेष चरणों के चुनाव एक साथ कराये। इससे पहले बीते 16 अप्रैल को राज्य के चुनाव आयोग के साथ हुई सर्वदलीय बैठक में भी तृणमूल कांग्रेस ने यह मांग उठाई गई थी, लेकिन आयोग ने इसे ठुकरा दिया।
ममता बनर्जी ने एक बार फिर चुनाव आयोग से अपील की है कि पश्चिम बंगाल में कोरोना की स्थिति को देखते हुए चुनाव आयोग को चाहिए कि वह शेष रहे चरणों के चुनाव एक साथ करा दे। उन्होंने कहा, “मैं चुनाव आयोग से शेष तीन चरणों के चुनावों को दो या एक दिन में निपटाने का हाथ जोड़कर आग्रह करती हूं।
गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल में टीएमसी के एक विधायक समेत चुनाव मैदान में उतरे दो प्रत्याशियों की मौत कोरोना संक्रमण के कारण हो चुकी है। बीते 17 अप्रैल को पांचवें चरण के चुनाव के दौरान बीरभूम जिले के मुरारई सीट से टीएमसी के निर्वतमान विधायक अब्दुर रहमान की कोनिड-19 की चपेट में आने के कारण मौत हो गई।
पश्चिम बंगाल में अब तक पांच चरणों के चुनाव संपन्न हो चुके हैं। राज्य में छठवें चरण के लिए 22 अप्रेल को मतदान होगा। इसके बाद दो चरणों के चुनाव और शेष रह जाएंगे। वहीँ मतों की गिनती का काम दो मई को होगा।
इस बीच ममता बनर्जी ने सोमवार को उत्तर दिनाजपुर के कालीगंज में चुनावी सभा को संबोधित करते हुए कहा कि श्री मोदी भारत में कोरोना वायरस की दूसरी लहर के लिए जिम्मेदार हैं। उन्होंने कहा कि श्री मोदी महामारी नियंत्रण के उपाय करने के बजाय बंगाल में चुनाव में व्यस्त रहे।
उन्होंने आरोप लगाया ,“ प्रधानमंत्री ने काेरोना वायरस को रोकने के लिए पिछले छह महीने में योजनायें क्यों नहीं बनायी। आपको इसका जवाब देना होगा। प्रधानमंत्री कोरोना वायरस की दूसरी लहर के लिए जिम्मेदार हैं। यदि उन्होंने उचित समय पर जिम्मेदारी ली होती तो ऐसा होने से रोका जा सकता था।”
