शुभेंदु के गढ़ में ममता का हल्ला बोल, नंदीग्राम में व्हीलचेयर से पदयात्रा
कोलकाता। नंदीग्राम से चुनाव लड़ रहीं पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अपने प्रतिद्वंदी उम्मीदवार शुभेंदु अधिकारी के गढ़ को भेदने की कवायद के तहत आज नंदीग्राम में पदयात्रा की। इस पदयात्रा में ममता बनर्जी व्हीलचेयर से शामिल हुईं।
नंदीग्राम सीट पर दूसरे चरण में चुनाव होना है। इस सीट को लेकर बीजेपी की तरफ से बड़े बड़े दावे किये जा रहे हैं। वहीँ मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मतदान से पहले अपने प्रतिद्वंदी उम्मीदवार शुभेंदु अधिकारी के गढ़ो में सेंधमारी के लिए अपनी रणनीति पर अमल करना शुरू कर दिया है।
बंगाल की हॉटसीट नंदीग्राम में दूसरे चरण में एक अप्रैल को मतदान होना है। मतदान से पहले इस सीट पर बीजेपी ने कई केंद्रीय मंत्रियों और सांसदों की फ़ौज को मैदान में उतार रखा है। बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा, गृहमंत्री अमित शाह, पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, रेल मंत्री पीयूष गोयल इस सीट पर बीजेपी उम्मीदवार शुभेंदु अधिकारी के पक्ष में रोड शो और रैलियां संबोधित करने वाले हैं।
वहीँ मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने नंदीग्राम को भेदने के लिए अपनी रणनीति में परिवर्तन किया है और वे रैलियों के साथ साथ सड़क पर उतरकर जनता के बीच जा रही हैं। इतना ही नहीं तृणमूल कांग्रेस कार्यकर्ता भी घर घर जाकर मतदाताओं को बता रहे हैं कि कैसे शुभेंदु अधिकारी ने तृणमूल कांग्रेस छोड़कर बीजेपी का दामन थाम लिया।
तृणमूल कांग्रेस के एक कार्यकर्त्ता ने कहा कि “शुभेंदु अधिकारी को दीदी ने बहुत कुछ दिया। सबसे बड़ी बाद दीदी शुभेंदु अधिकारी पर भरोसा करती थी और उसने दीदी के भरोसे को तोड़कर गद्दारी की है। वह बीजेपी में जाकर दीदी को चुनौती देना चाहते हैं। इस बार चुनाव में दीदी उसे ध्वस्त कर देगी।”
क्या कहते हैं जानकार:
वहीँ जानकारों की माने तो नंदीग्राम सीट आज भी ममता का वह अभेद किला है जिसे शुभेंदु अधिकारी नहीं जीत सकते। जानकारों के मुताबिक, बीजेपी बड़े बड़े दावे अवश्य कर रही है लेकिन शहरी इलाके को यदि छोड़ दिया जाए तो बीजेपी को यहां उभरने में बहुत समय लगेगा। जानकारों के मुताबिक, बीजेपी ने नंदीग्राम में भले ही अपनी पूरी ताकत झौंक रखी है लेकिन इस सीट का परिणाम क्या होगा यह भी बीजेपी जानती है। ऐसे में माना जा रहा है कि ममता बनर्जी को उलझाने और नंदीग्राम तक सीमित रखने के लिए ही बीजेपी नंदीग्राम को अहमियत दे रही है।
