13 मार्च को किसान नेता करेंगे पश्चिम बंगाल का दौरा, राज्य के किसानो से करेंगे ये अपील

13 मार्च को किसान नेता करेंगे पश्चिम बंगाल का दौरा, राज्य के किसानो से करेंगे ये अपील

नई दिल्ली। कृषि कानूनों के खिलाफ पिछले 100 दिनों से अधिक समय से चल रहे किसान आंदोलन को चुनावी राज्यों तक ले जाने की कवायद के तहत किसान संगठनों के नेताओं का एक प्रतिनिधिमंडल 13 मार्च को पश्चिम बंगाल का दौरा करेगा।

पश्चिम बंगाल दौरे के दौरान किसान नेता राज्य के किसान संगठनों के प्रतिनिधियों से मुलाक़ात करेंगे और उन्हें नए कृषि कानूनों को लेकर पूरी जानकारी देंगे। इतना ही नहीं किसान नेता पश्चिम बंगाल के किसानो को बताएंगे कि किस तरह केंद्र सरकार ने किसानो पर नए कृषि कानून थोपने की कोशिश की है और नए कृषि कानूनों से किसानो को भविष्य में क्या क्या बड़े नुकसान होंगे।

इतना ही नहीं किसान नेताओं का प्रतिनिधिमंडल 13 मार्च को कोलकाता में पत्रकार वार्ता का भी आयोजन करेगा और स्थानीय मीडिया के समक्ष अपनी बात रखेगा।

इससे पहले आज भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत से जब पूछा गया कि कृषि कानूनों पर सरकार के साथ अगली बातचीत को लेकर क्या प्रगति हुई है तो उन्होंने जबाव में कहा कि सरकार आजकल पश्चिम बंगाल जा रखी है। हम सरकार से वहीं मिलेंगे। हम 13 मार्च को बंगाल जा रहे हैं किसानों से बात करेंगे कि MSP पर खरीद हो रही है कि नहीं, उन्हें क्या दिक्कत है? इन सब चीजों पर बात होगी।

किसान नेता ने इशारो में कहा कि चुनावी राज्यों में किसानो को जागरूक किया जाएगा, जिससे वे समय से फैसला ले सकें कि चुनाव में किसे वोट देना है किसे नहीं। राकेश टिकैत ने कहा, 100 दिनों से चल रहे आंदोलन की सरकार ने अनदेखी की है हम भी सरकार को नुकसान पहुंचायेंगे।

उन्होंने कहा कि जब तक तीनो कृषि कानून रद्द नहीं किये जाए और एमएसपी के लिए कानून नहीं बनाया जाता तब तक किसान आंदोलन जारी रहेगा और किसान घर वापस नहीं जाएंगे। टिकैत ने कहा कि किसानो ने मौसम के अनुसार पंखा, मच्छरदानी और फ्रिज और अन्य सामान लाने शुरू कर दिये हैं।

गौरतलब है कि हाल ही में किसान आंदोलन को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद में कहा था कि किसान उनसे सिर्फ एक फोन कॉल की दूरी पर हैं। पीएम के बयान के बाद सरकार और किसानो के बीच एक बार फिर बातचीत शुरू होने की संभावनाएं बनी थीं लेकिन पीएम मोदी के बयान के इतने दिनों बाद भी सरकार की तरफ से किसानो को बातचीत शुरू करने के लिए कोई औपचारिक न्यौता अभी तक नहीं भेजा गया है।

TeamDigital