सरकार और किसानो के बीच वार्ता शुरू, सुर्प्रीमकोर्ट का ट्रेक्टर परेड में हस्तक्षेप से इंकार

सरकार और किसानो के बीच वार्ता शुरू, सुर्प्रीमकोर्ट का ट्रेक्टर परेड में हस्तक्षेप से इंकार

नई दिल्ली। किसानो और सरकार के बीच दिल्ली के विज्ञानं भवन में दसवे दौर की बातचीत शुरू हो गई है। अब तक 9 दौर की बातचीत बेनतीजा रही है। इससे पहले आज की बैठक में भाग लेने किसान संगठनों के नेता विज्ञानं भवन पहुंचे।

किसानों और सरकार के बीच आज की वार्ता पर अखिल भारतीय किसान सभा के महासचिव हन्नान मोल्लाह ने कहा कि दो दिन पहले सरकार के मंत्री ने ऐलान किया कि हम कानूनों को निरस्त नहीं करेंगे। सरकार का रवैया अभी भी नकारात्मक है। इस परिस्थिति में बहुत कुछ होगा ऐसी कोई उम्मीद नहीं है।

किसान नेता गुरनाम सिंह चढूनी ने बताया, “हम 26 जनवरी को सरकार की परेड में बाधा नहीं डालेंगे। हम उनसे कहेंगे कि ट्रैक्टर रैली के लिए रिंग रोड ठीक रहेगा क्योंकि ट्रैक्टर बहुत ज़्यादा होंगे।”

किसान और सरकार के बीच आज होने वाली 10वें दौर की वार्ता से पहले भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि सरकार को 3 कानूनों को रद्द करना होगा और MSP पर कानून बनाना होगा, तभी हम किसानों को लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि हम बैठक और आंदोलन भी करेंगे। किसान यहां से वापस नहीं जाएगा। MSP पर कानून,3 कानूनों की वापसी और स्वामीनाथन कमेटी की रिपोर्ट को लागू नहीं करेंगे।”

ऑल इंडिया किसान फेडरेशन के अध्यक्ष प्रेम सिंह भंगू ने कहा कि पहली बैठक में हमारे नेताओं से स्पष्ट कह दिया था कि अगली बैठक रखते हैं तो मन बना कर आएं कि कानून रद्द करना है और MSP पर कानून बनाने से नीचे कोई बात शुरू नहीं होगी। आज उम्मीद है कि कि सरकार ने मन बनाया होगा।

सुप्रीमकोर्ट ने किसानो की ट्रेक्टर परेड में हस्तक्षेप से किया इंकार:

दूसरी तरफ सुप्रीमकोर्ट ने 26 जनवरी को किसानो द्वारा आयोजित की जाने वाली ट्रेक्टर परेड में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया है। किसानो की ट्रेक्टर परेड रुकवाने के लिए दिल्ली पुलिस द्वारा दायर की गई याचिका पर सुप्रीमकोर्ट ने बुधवार को सुनवाई करते हुए कहा कि किसानो की ट्रेक्टर परेड को लेकर फैसला दिल्ली पुलिस ही करे।

सुप्रीमकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश एस ए बोबडे ने कहा कि गणतंत्र दिवस पर किसानों की प्रस्तावित ट्रैक्टर रैली के खिलाफ केंद्र की याचिका पर हम कोई आदेश पारित नहीं करेंगे। सीजेआई ने कहा, “हमने कहा है कि यह पुलिस को तय करना है। हम आदेश पारित नहीं करने वाले हैं। आप कार्रवाई करने के अधिकारी हैं।”

चीफ जस्टिस ने कहा कि दिल्ली में प्रवेश का मामला कानून व्यवस्था से जुड़ा है और पुलिस इस पर फैसला करेगी। ट्रैक्टर रैली हो या नहीं, यह पुलिस को तय करना है। हम आदेश पारित नहीं करने वाले हैं। इस पर निर्णय लेने का अधिकार दिल्ली पुलिस के पास है।

इससे पहले आठ किसान संगठनों की ओर से पेश वकील प्रशांत भूषण ने सुप्रीमकोर्ट को बताया कि किसान केवल आउटर रिंग रोड पर शांतिपूर्ण तरीके से गणतंत्र दिवस मनाना चाहते हैं। वे शांति भंग नहीं करेंगे।

TeamDigital