बेटी शर्मिष्ठा ने पिता प्रणब मुखर्जी के बारे में ख़ारिज किये शिवसेना के कयास
नई दिल्ली। पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के आरएसएस के कार्यक्रम में शामिल होने के बाद अभी भी कयासों का दौर जारी है। शिवसेना इसे 2019 के चुनाव से जोड़कर देख रही है।
शिवसेना के मुखपत्र सामना के सम्पादकीय में कहा गया है कि पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी को संघ ने 2019 के चुनाव को ध्यान में रखकर अपने यहाँ आमंत्रित किया था। शिवसेना के अनुसार संघ बीजेपी के लिए 2019 का एजेंडा सेट करने में लगा है।
सामना के मुताबिक यदि बीजेपी को 110 सीटों से कम मिलती हैं तो नरेन्द्र मोदी का पीएम बनना मुश्किल हो जायेगा। ऐसे में संघ प्रणब मुखर्जी के नाम को एनडीए की तरफ से प्रधानमन्त्री के तौर पर पेश कर सकता है।
शिवसेना का मानना है कि बहुमत न मिलने की दशा में सहयोगी दल नरेंद्र मोदी को प्रधानमन्त्री के तौर पर अस्वीकार कर सकते हैं। ऐसे में प्रणब मुखर्जी के नाम पर सहमती बन सकती है और वे एनडीए की तरफ से पीएम पद के दावेदार हो सकते हैं।
शिवसेना के कयासों पर पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी की बेटी और दिल्ली प्रदेश महिला कांग्रेस की अध्यक्ष शर्मिष्ठा मुखर्जी ने शिवसेना सांसद संजय राउत को टैग करते हुए ट्विट्टर पर कहा कि ‘मिस्टर राउत राष्ट्रपति पद से रिटायर होने के बाद मेरे पिता फिर से सक्रिय राजनीति में नहीं आने जा रहे हैं।’
गौरतलब है कि प्रणब मुखर्जी के संघ के कार्यक्रम में जाने को लेकर भी उनकी बेटी शर्मिष्ठा मुखर्जी ने उन्हें नसीहत दी थी कि वह आरएसएस के कार्यक्रम में जो भी कहेंगे, आऩे वाले सालों में उसे भुला दिया जाएगा और उनकी तस्वीरों का गलत इस्तेमाल किया जा सकता है।
