विपक्ष के 12 सांसद शीतकालीन सत्र के लिए निलंबित, कांग्रेस ने कहा “ये लोकतंत्र का गला घोंटने जैसा”

विपक्ष के 12 सांसद शीतकालीन सत्र के लिए निलंबित, कांग्रेस ने कहा “ये लोकतंत्र का गला घोंटने जैसा”

नई दिल्ली। शीतकालीन सत्र के पहले ही दिन सोमवार को राज्य सभा में विपक्ष के 12 सांसदों को पूरे सत्र के लिए निलंबित किये जाने के मामले में कांग्रेस ने सरकार पर हमला बोला है। कांग्रेस ने इसे लोकतंत्र का गला घोटने जैसा बताया है।

राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा है कि अगर दूसरों के लिए आवाज उठाने वालों की आवाज दबाई जाती है, तो यह लोकतंत्र का गला घोंटने जैसा है। हम इसकी निंदा करते हैं।

उन्होंने कहा कि ये लोकतंत्र विरोधी कदम है और सरकार सांसदों में डर पैदा करने के लिए ये कदम उठाई है। डराना-धमकाना उनकी अदत बन गई है। सरकार ने आज 12 सांसदों पर एक्शन लेने के लिए जो रेजोल्यूशन मूव किया है ये पूरी तरह गलत है।

गौरतलब है कि विपक्ष के 12 सांसदों को मानसून सत्र के दौरान राज्य सभा में हुए हंगामे के लिए निलंबित किया गया है। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने सांसदों के निलंबन को जायज ठहराते हुए कहा कि हमने प्रस्ताव पारित कर 12 सांसदों को निलंबित किया है।

उन्होंने कहा कि मॉनसून सत्र के शुरुआत से ही विपक्ष का रवैया सत्र को न चलने देने का था। हमारी विपक्षी पार्टियों से उनके इस व्यवहार को लेकर चर्चा हुई थी। हमें विपक्ष ने ऐसा व्यवहार फिर से न होने का आश्वासन दिया था लेकिन 11 अगस्त को फिर से वैसा ही व्यवहार देखने को मिला। 11 अगस्त को सत्र का आखिरी दिन होने की वजह से उनके ख़िलाफ़ कार्रवाई नहीं हुई। हमें आज अवसर मिला और जिन सांसदों ने पिछले सत्र में बदतमीजी की उनके ख़िलाफ़ प्रस्ताव पारित किया।

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वहीँ विपक्ष का कहना है कि 12 सांसदों का निलंबन नियमों के खिलाफ है। नियम 256 के अनुसार सदस्य को सत्र के बाकी बचे समय के लिए निलंबित किया जाता है। मानसून सत्र 11 अगस्त को ही समाप्त हो चुका है। ऐसे में इस सत्र में सदस्यों का निलंबन गलत है।

12 सांसदों को शीतकालीन सत्र से निलंबित किये जाने पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल ने कहा कि सरकार की केवल ये मानसिकता है कि विपक्ष के ऊपर किसी तरह से वार करो और इनको मालूम है कि अगर वो इस तरह निलंबित करेंगे तो निश्चित रूप से विपक्ष इसका विरोध करेगी और फिर सदन नहीं चलेगा। वो यही चाहते हैं कि सदन न चले।

इन सांसदों को किया गया निलंबित:

निलंबित सांसदों में मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के इलामारम करीम, कांग्रेस की फूलों देवी नेताम, छाया वर्मा, रिपुन बोरा, राजमणि पटेल, सैयद नासिर हुसैन, अखिलेश प्रताप सिंह, तृणमूल कांग्रेस की डोला सेन और शांता छेत्री, शिव सेना की प्रियंका चतुर्वेदी और अनिल देसाई और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के विनय विस्वम के नाम शामिल हैं।

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