ग़ालिब का शेर बताकर सोशल मीडिया पर गढ़ा गया शेर पढ़ गए पीएम मोदी
नई दिल्ली। राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर जबाव देते हुए पीएम नरेंद्र मोदी ने राज्य सभा में एक शेर पढ़ा था। कांग्रेस नेता गुलामनबी आज़ाद को इंगित कर पीएम मोदी द्वारा पढ़े गए इस शेर की सच्चाई कुछ और ही निकली।
पीएम मोदी ने मशहूर शायर मिर्ज़ा ग़ालिब का नाम लेते हुए कहा कि ये बात मशहूर शायर मिर्ज़ा ग़ालिब ने कही थी। उन्होंने शेर पढ़ा कि “ताउम्र ग़ालिब ये भूल करता रहा,धूल चेहरे पर थी आईना साफ करता रहा।”
दरअसल ये शेर मिर्ज़ा ग़ालिब का है ही नहीं बल्कि ये शेर सोशल मीडिया पर किसी यूजर द्वारा की गयी तुकबंदी का हिस्सा है। पीएम मोदी के शेर पर मशहूर शायर जावेद अख्तर ने भी ट्वीट किया।
जावेद अख्तर ने लिखा कि जो शेर राज्यसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सुनाया है, वह ग़ालिब का है ही नहीं। वह सोशल मीडिया में गलत तरीके से फैलाया गया है। उन्होंने ये भी लिखा कि शेर की दोनों ही लाइनें शायरी के मीटर में सही तरीके से नहीं उतरती हैं।
पीएम मोदी की गलती को गुजरात बीजेपी ने भी नहीं सुधारा। पार्टी की तरफ से ट्विटर हैंडलर से एक ट्वीट कर पीएम मोदी का वही शेर दोहराया गया। इस ट्वीट में भी पीएम मोदी द्वारा राज्य सभा में पढ़े गए शेर को मिर्ज़ा ग़ालिब का बताया गया।
हालाँकि यह पहला अवसर नहीं है। पीएम मोदी इतिहास को लेकर कई बार आम सभाओं में तथ्यों से परे बातें रखते रहे हैं। उन्होंने एक सभा में बाबा गोरखनाथ, कबीर और गुरुनानक के साथ बैठकर मनन करने की बात भी कही थी। जबकि इतिहास कहता है कि तीनो महापुरुष कभी एक दूसरे से मिले ही नहीं।
