हरियाणा- महाराष्ट्र चुनाव में राष्ट्रीय मुद्दों के भरोसे बैठी है बीजेपी
नई दिल्ली। महाराष्ट्र और हरियाणा के विधानसभा चुनाव के लिए चुनाव आयोग द्वारा तारीख के एलान के साथ ही दोनों राज्यों में आदर्श अचार संहिता लागू हो गयी है। दोनों ही राज्यों में 21 अक्टूबर को मतदान होगा वहीँ 24 अक्टूबर को चुनाव परिणामो का एलान होगा।
जिन दो राज्यों के लिए विधानसभा चुनाव का एलान किया गया है उन दोनों ही राज्यों में बीजेपी की सरकार है। ज़ाहिर है कि सत्तारूढ़ पार्टी के लिए एंटी इन्कमबेंसी भी एक फेक्टर है।
वहीँ बीजेपी सूत्रों की माने तो दोनों ही राज्यों में भारतीय जनता पार्टी राष्ट्रीय मुद्दों के भरोसे चुनाव लड़ने जा रही है। इन मुद्दों में ट्रिपल तलाक, एनआरसी, जम्मू कश्मीर में धारा 370 जैसे मुद्दे शामिल हैं। चुनाव में बीजेपी नेता राज्य सरकार की उपलब्धियों के नहीं बल्कि केंद्र सरकार की उपलब्धियों का बखान करते दिखेंगे।
सूत्रों ने कहा कि बीजेपी अपने पारम्परिक राष्ट्रवाद के मुद्दे को आगे रखेगी। इसके अलावा जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने पर विपक्ष के विरोध को बड़ा मुद्दा बनाकर पेश करेगी।
पार्टी सूत्रों ने कहा कि जनता को बताया जाएगा कि किस तरह पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने संयुक्त राष्ट्र में कांग्रेस नेता राहुल गांधी के बयान का उल्लेख किया।
वहीँ दूसरी तरफ कांग्रेस और एनसीपी देश की अर्थव्यवस्था में आयी मंदी और देश में बढ़ती बेरोज़गारी को चुनावी मुद्दा बना सकते है। इसके अलावा महाराष्ट्र में कांग्रेस एनसीपी चुनाव में स्थानीय मुद्दों जैसे महाराष्ट्र में किसानो की आत्म हत्या, मुंबई में जलभराव और कांग्रेस हरियाणा में दलित उत्पीड़न के मामले को जोर शोर से उठाएंगी।
कांग्रेस सूत्रों की माने तो पार्टी इस बार बदली हुई रणनीति के साथ चुनावी मैदान में उतर रही है। पार्टी ने इस बार क्षेत्रीय स्तर पर चुनाव प्रभरियों की न्युक्ति करके यह जता दिया है कि इस बार बीजेपी के पन्ना प्रमुखों के लिए काम आसान नहीं होगा।
पार्टी सूत्रों की माने तो इस बार कांग्रेस महाराष्ट्र और हरियाणा में दलित, मुस्लिम और पिछडो के अलावा किसानो पर अपना ध्यान केंद्रित करने जा रही है। सूत्रों ने कहा कि पार्टी इस बार चुनाव में सॉफ्ट हिंदुत्व दिखाने जैसा कोई काम नहीं करेगी, न राहुल गांधी किसी मंदिर-मस्जिद या दरगाह पर जायेंगे और न ही सोनिया गांधी।
सूत्रों ने कहा कि प्रियंका गांधी को भी चुनाव प्रचार के लिए बड़ी ज़िम्मेदारी दी जायेगी। वे महाराष्ट्र और हरियाणा की चुनिंदा विधानसभाओं में पार्टी उम्मीदवारों के लिए रोड शो करेंगी। वहीँ पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की भूमिका को लेकर पूछे गए सवाल के जबाव में सूत्रों ने कहा कि राहुल गांधी किस तरह की भूमिका अदा करना चाहते हैं ये उन पर छोड़ दिया गया है।
