सौराष्ट्र-कच्छ में कम मतदान से बीजेपी परेशान

सौराष्ट्र-कच्छ में कम मतदान से बीजेपी परेशान

अहमदाबाद ब्यूरो। गुजरात में कल पहले चरण में 89 सीटों के लिए हुए मतदान के बाद बीजेपी में तनावपूर्ण ख़ामोशी का माहौल है। कारण है सौराष्ट्र और कच्छ इलाके में कम मतदान होना। हालाँकि कल वित्त मंत्री अरुण जेटली ने दावा किया था कि बीजेपी आसानी से जीत जायेगी।

अक्सर बातो को गड़ाक्र कहने वाले अरुण जेटली के दावों में कल वो भरोसा नहीं दिखा। पार्टी सूत्रों की माने तो सौराष्ट्र और कच्छ के इलाके में कम मतदान ने पार्टी की चिंता बढ़ा दी है।

पाटीदार बाहुल्य होने के कारण सौराष्ट्र और कच्छ का इलाके बीजेपी का गढ़ माना जाता रहा है। सौराष्ट्र-कच्छ में करीब 54 सीटें आती हैं। गुजरात में सत्ता बनाने में इस इलाके की अहम भूमिका रहती है। पिछले चुनाव में भारतीय जनता पार्टी को इसी इलाके से अपनी जीत का डंका बजाया था।

शनिवार को हुए पहले चरण के चुनाव में सौराष्ट्र और कच्छ में मिलाकर लगभग 64 प्रतिशत मतदान हुआ है जबकि पिछले विधानसभा चुनाव में इसी इलाके में करीब 70 प्रतिशत मतदान हुआ था। पिछले चुनाव से इस बार 6 प्रतिशत कम मतदान होना बीजेपी के लिए चिंता का विषय बन गया है।

जानकारों के अनुसार शहरी इलाको की तुलना में ग्रामीण क्षेत्रो में बम्पर वोटिंग होना भी बीजेपी के लिए अच्छे संकेत नही हैं। जानकारों के अनुसार ग्रामीण क्षेत्रो में किसानो ने मतदान में बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया है। बीजेपी सूत्रों की माने तो अब पार्टी दूसरे चरण की शेष रही 93 सीटों पर करो या मरो की लड़ाई लड़ेगी।

दूसरे चरण मेंउत्तर गुजरात और मध्य गुजरात के 93 विधानसभा क्षेत्रो में 14 दिसंबर को मतदान होना हैं। इसलिए बीजेपी ने अपनी पूरी ताकत दूसरे चरण के चुनाव में लगा दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उत्तर और मध्य गुजरात में एक दिन में चार चार जगह सभाएं कर रहे हैं।

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TeamDigital