राम जन्मभूमि- बाबरी मस्जिद विवाद: दस्तावेजों के ट्रांसलेशन के लिए कार्रवाही रुकी
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट में चल रही राम जन्मभूमि- बाबरी मस्जिद विवाद की सुनवाई को रोक दिया गया है। अब यह सुनवाई 5 दिसंबर से शुरू होगी।
इस विवाद से जुड़े दस्तावेजों के संस्कृत, उर्दू, पाली, पंजाबी, पर्सियन और अरेबिक में होने के कारण फ़िलहाल ट्रांसलेशन होने तक सुनवाई को रोक दिया गया है। उत्तर प्रदेश सरकार इन दस्तावेजों का ट्रांसलेशन करवाएगी।
गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने 6 साल बाद इस मामले पर सुनवाई शुरू की है। जस्टिस दीपक मिश्रा, अशोक भूषण और अब्दुल नजीर करीब 20 याचिकाओं पर सुनवाई करेंगे। इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले को सभी पक्षों ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दे रखी है।
बाबरी मस्जिद 6 दिसंबर 1992 को ढहा दी गई थी, जिसका मुकदमा आज भी कोर्ट में चल रहा है। इस मामले में 30 सितंबर 2010 को इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ ने ऐतिहासिक फैसला सुनाया था। फैसले से नाखुश सभी पक्षों ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।
इसके बाद 21 मार्च 2017 को राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद पर सुप्रीम कोर्ट मध्यस्थता की पेशकश भी कर चुका है। इस दौरान चीफ जस्टिस जेएस खेहर ने कहा था कि अगर दोनों पक्ष राजी हो तो वो कोर्ट के बाहर मध्यस्थता करने को तैयार है।
