राफेल डील में नया मोड़: फ़्रांस के गैरसरकारी संगठन ने उठाये सवाल 

राफेल डील में नया मोड़: फ़्रांस के गैरसरकारी संगठन ने उठाये सवाल 

नई दिल्ली। राफेल डील को लेकर अब एक और नया पेंच पैदा हो गया है। फ़्रांस के एक गैर सरकारी संगठन(एनजीओ) ने  राफेल विमान को लेकर भारत और फ़्रांस के बीच हुए करार की जांच की मांग की है।

एंटी करप्शन के क्षेत्र  में काम करने वाले इस एनजीओ ने फ़्रांस के वित्तीय अभियोजक ऑफिस में शिकायत दर्ज कराते हुए राफेल डील की नए सिरे से जांच कराये  जाने की मांग की है।

शिकायत में शेरपा नामक एनजीओ ने फ्रांस सरकार और दसॉल्ट एविएशन के बीच भ्रष्टाचार के संभावित कृत्य, अनुचित फायदा पहुंचाना, पैसे या फेवर के लिए राजनीति का इस्तेमाल करना और मनी लांड्रिंग जैसे सवाल उठाये गए है।

यह शिकायत राष्ट्रीय वित्तीय अभियोजक के दफ्तर में अक्तूबर के आखिर में दर्ज की गई है।  इस शिकायत में दसॉल्ट द्वारा भारतीय ऑफसेट पार्टनर के चुनने के तरीके पर भी सवाल उठाते हुए जांच की मांग की गयी है।

शेरपा के संस्थापक विलियम बोर्डन का कहना है कि दसॉल्ट द्वारा जिस कम्पनी को ऑफसेट पार्टनर बनाया गया है उसके पास लड़ाकू विमान बनाने का कोई अनुभव नहीं है और वह कांट्रैक्ट पर हस्ताक्षर करने से 12 दिन पहले ही पंजीकृत हुई है, यह दर्शाता है कि मामला गंभीर है और इस पर पूरी तरह से जांच होनी चाहिए।

एनजीओ ने राफेल डील को लेकर की गई इस शिकायत में पूर्व मंत्री और एंटी करप्शन वकील की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ सीबीआई में दाखिल अधिकारों के दुरुपयोग और अनुचित फायदा पहुंचाने के आरोपों का हवाला दिया है तथा मीडियापार्ट और खुद की जांच से निकले सुबूतों को भी आधार बनाया है।

गौरतलब है कि राफेल विमान डील को लेकर भारत में भी विपक्षी दल लगातार जांच की मांग कर रहे हैं। हालाँकि सरकार खुद को पाक दामन बताते हुए राफेल डील में किसी भी तरह की अनियमितताओं से इंकार कर रही है। राफेल डील को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच लगातार रस्साकशी जारी है।

TeamDigital