यूपी सरकार को हाईकोर्ट का झटका, 17 ओबीसी जातियों को एससी में शामिल करने पर लगी रोक

यूपी सरकार को हाईकोर्ट का झटका, 17 ओबीसी जातियों को एससी में शामिल करने पर लगी रोक

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार को बड़ा झटका देते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 17 ओबीसी जातियों को अनुसूचित जातियों में शामिल करने के सरकार के 24 जून 2019 के आदेश पर रोक लगा दी है।

गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने 21/22 दिसंबर 2016 को अधिसूचना जारी कर पिछड़ी जाति मल्लाह को अनूसूचित जाति मझवार का प्रमाणपत्र जारी करने का आदेश दिया था।

प्रदेश सरकार ने 24 जनवरी 2017 को एक और शासनादेश जारी कर कहार, कश्यप, केवट, मल्लाह, निषाद, कुम्हार, प्रजापति, धीवर, बिंद, भर, राजभर, बाथम, तुरहा, गोड़िया, माझी और मडुआ को पिछड़ी जाति से अनुसूचित जाति में शामिल करने का निर्णय लिया।

सरकार की तरफ से जारी किये गए इस शासनादेश के खिलाफ गोरखपुर के सामाजिक कार्यकर्ता गोरखप्रसाद की याचिका पर न्यायमूर्ति सुधीर अग्रवाल और न्यायमूर्ति राजीव मिश्र की पीठ ने कहा है कि जातियों को अनुसूचित या पिछड़ा घोषित करने का अधिकार संसद को है। कोर्ट ने इस पर प्रदेश सरकार से तीन सप्ताह में जबाव तलब किया है।

कोर्ट ने 24 जून के आदेशों पर रोक लगाते हुए कहा है कि राज्य सरकार को जातियों के मामले में निर्णय लेने का अधिकार नहीं है। यह अधिकार संसद को है। फिलहाल कोर्ट के आदेश को यूपी सरकार के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।

TeamDigital