मोदी सरकार ने संघ से जुडी संस्थाओं को फिर से ज़मीन आवंटित की

नई दिल्ली । सन 2000 से 2001 के दौरान अटलबिहारी वाजपेयी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार द्वारा आरएसएस के धार्मिक और सांस्कृतिक संगठनों को आवंटित की गयी ज़मीनो को यूपीए सरकार द्वारा रदद् कर दिया गया था लेकिन 2014 में सत्ता में आयी मोदी सरकार ने संघ से जुडी इन संस्थाओं को पुनः ज़मीन आवंटित करने के लिए कैबिनेट ने मंजूरी दी है ।

एम.वेंकैया नायडू ने अंग्रेजी अख़बार टाइम्स अॉफ इंडिया से बातचीत में कहा कि यह जमीन साल 2000-01 के दौरान सामाजिक और सांस्कृतिक संस्थाओं को दी गई थी। लेकिन यूपीए-1 ने इन्हें रद्द कर दिया, जिसके बाद आवंटियों ने इसे अदालत में चुनौती दी। उन्होंने कहा कि फिलहाल सरकार ने कैबिनेट के इस फैसले को सार्वजनिक नहीं किया है क्योंकि इसे अन्य फैसलों के साथ ही मीडिया को बताया जाएगा।

नायडू ने कहा कि एनडीए के सत्ता में आने के बाद इन संस्थाओं ने प्रतिनिधि बनाए और मंत्रालय ने इस मामले को देखने के लिए दो रिटायर्ड सचिवों का एक पैनल बनाया गया। उन्होंने कहा कि यूपीए सरकार का फैसला भेदभाव भरा था। उन्होंने कहा कि इस मामले को मैंने कैबिनेट में उठाया और इसके बाद कुछ को छोड़कर बाकी सभी को जमीन आवंटित कर दी गई। यूपीए सरकार ने यह कहते हुए 29 संस्थाओं का जमीन आवंटन रद्द कर दिया था कि प्रक्रिया में कुछ गड़बड़ियां हैं।

जिन संस्थाओं को जमीन वापस मिली है उनमें श्यामा प्रसाद मुखर्जी समिति न्यास, विश्व संवाद केंद्र, धर्मयात्रा महासंघ और अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम शामिल है।

TeamDigital