मुस्लिम बुद्धजीवियों ने कहा “विवादित ज़मीन राममंदिर निर्माण के लिए दे दें मुसलमान’

मुस्लिम बुद्धजीवियों ने कहा “विवादित ज़मीन राममंदिर निर्माण के लिए दे दें मुसलमान’

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में आयोजित मुस्लिमस फॉर पीस सम्मेलन में शामिल हुए कई मुस्लिम बुद्धजीवियों ने कहा कि मुसलमानो को अयोध्या की विवादित ज़मीन राम मंदिर के लिए दे देनी चाहिए।

इस सम्मेलन में अलीगढ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के पूर्व वाइस चांसलर लेफ्टिनेंट जनरल जमीरुद्दीन शाह, मशहूर कार्डियोलाजिस्ट पद्मश्री डॉ मंसूर हसन, ब्रिगेडियर अहमद अली, पूर्व आईएएस अनीस अंसारी, रिज़वी, पूर्व आईपीएस पूर्व जज बीडी नकवी, डॉ कौसर उस्मान समेत कई मुस्लिम बुद्धिजीवी शामिल हुए थे।

मुस्लिम बुद्धजीवियों ने अपने सम्बोधन में कहा कि चूँकि मामला सुप्रीमकोर्ट में हैं। यदि कोर्ट से फैसला मुसलमानो के पक्ष में आये तो मुस्लिम समुदाय को चाहिए कि वे अयोध्या की विवादित ज़मीन को राम मंदिर निर्माण के लिए हिन्दू समुदाय को उपहार स्वरूप दे दे।

वक्ताओं ने कहा कि इससे देश में सद्धभावना का माहौल पैदा होगा तथा हिन्दू मुस्लिम भाईचारा बढ़ेगा। इतना ही नहीं वक्ताओं ने कहा कि देश में माहौल और अच्छा करने के लिए मुसलमानो को इतनी कुर्बानी दे देनी चाहिए।

मुस्लिम बुद्धजीवियों का मत था कि आम हिन्दुओं की आस्था है कि भगवान् राम का जन्म अयोध्या में हुआ था। इसे मुसलमानो को स्वीकार करते हुए विवादित ज़मीन से अपना दावा वापस ले लेना चाहिए थे। अब यह मामला कोर्ट के विचाराधीन है और इस पर जल्द फैसला आने वाला है।

इसलिए मुसलमानो को चाहिए कि फैसला आने से पहले वे इस बात के लिए खुद को तैयार करें कि यदि विवादित ज़मीन के मालिकाना हक का फैसला मुसलमानो के हक में आएगा तो वे उस ज़मीन को राम मंदिर निर्माण के लिए उपहार स्वरूप हिन्दू समुदाय दे देंगे।

गौरतलब है कि अयोध्या में विवादित ज़मीन के मालिकाना हक के लिए सुप्रीमकोर्ट में नियमित सुनवाई चल रही है और यह सुनवाई 17 अक्टूबर को पूरी हो जाएगी। सुप्रीमकोर्ट का कहना है कि फैसला लिखने के लिए कम से कम एक माह का समय लगेगा। इसलिए माना जा रहा है कि अयोध्या मामले में अगले माह तक फैसला आ जायेगा।

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TeamDigital